शुक्रवार के कारोबारी सत्र में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार बिकवाली देखी गई, जबकि Nifty 50 बेंचमार्क हरे निशान में बंद हुआ। ब्रोकरेज डाउनग्रेड के बाद Suzlon Energy में **10%** की बड़ी गिरावट आई, वहीं भारी वॉल्यूम के साथ Swiggy के शेयर भी **6%** फिसल गए।
शुक्रवार को भारतीय बाजार में लार्ज-कैप शेयरों की स्थिरता और मिड-कैप की कमजोरी के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिला। जहां Nifty 50 ने 0.62% की बढ़त दर्ज की, वहीं Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 इंडेक्स क्रमशः 0.60% और 1.24% गिरकर बंद हुए। यह साफ संकेत है कि निवेशक अब छोटे शेयरों से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित लार्ज-कैप कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं।
Suzlon Energy का हाल
कंपनी के शेयरों में 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई और भाव ₹33.23 पर आ गया। यह बिकवाली JM Financial Institutional Equities द्वारा रेटिंग डाउनग्रेड करने के बाद आई। ब्रोकरेज ने रेटिंग को 'Buy' से घटाकर 'Add' कर दिया और टारगेट प्राइस ₹46 से घटाकर ₹40 कर दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सेक्टर में ओवरसप्लाई और कंपनी की सिंगल प्रोडक्ट लाइन पर निर्भरता से भविष्य में मार्जिन पर दबाव रह सकता है।
Swiggy पर भी दबाव
वहीं, Swiggy के शेयरों में भी बिकवाली हावी रही और यह 6% गिरकर ₹174.50 पर बंद हुआ। एक्सचेंज पर इस शेयर में 22.6 मिलियन से अधिक शेयरों का कामकाज हुआ, जो निवेशकों के बीच डर और अनिश्चितता को दर्शाता है।
बाजार का सेंटीमेंट
मार्केट का मूड फिलहाल कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों (Brent Crude) और मिडिल ईस्ट के तनाव से प्रभावित है। Geojit Financial Services के एनालिस्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल इवेंट्स और अमेरिकी राजनीति के कारण बाजार में आने वाले दिनों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अब निवेशक कंपनियों के आने वाले नतीजों पर नजर गड़ाए हुए हैं ताकि यह पता चल सके कि मिड-कैप शेयरों के ऊंचे वैल्यूएशन सही हैं या और करेक्शन बाकी है।
