SpaceX के शेयर IPO प्राइस से नीचे गिरे, लॉकाप एक्सपायरी का बढ़ रहा डर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
SpaceX के शेयर IPO प्राइस से नीचे गिरे, लॉकाप एक्सपायरी का बढ़ रहा डर

SpaceX के निवेशकों के लिए चिंता की खबर है। कंपनी के शेयर अपने रिकॉर्ड हाई से **33%** गिर चुके हैं और अब अपने **$135** के IPO प्राइस के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। दरअसल, अगस्त की शुरुआत में एक बड़ा लॉकाप पीरियड खत्म होने वाला है, जिससे **911 मिलियन** से ज़्यादा शेयर मार्केट में आ सकते हैं। शेयर सप्लाई में यह बढ़ोतरी और कंपनी का हाई वैल्यूएशन निवेशकों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है।

स्पेसएक्स के शेयर क्यों गिरे?

SpaceX के शेयर इस समय दबाव में हैं। बुधवार को यह शेयर $132.15 तक गिर गया था, जो कि इसके $135 के IPO प्राइस से भी नीचे था। हालांकि, बाद में थोड़ी रिकवरी के साथ यह $135.27 पर बंद हुआ। यह गिरावट कंपनी की लिस्टिंग के बाद निवेशकों के बदले सेंटिमेंट को दिखाती है।

लॉकाप एक्सपायरी और सप्लाई का खतरा

शेयरों में इस वोलैटिलिटी (volatility) की एक बड़ी वजह अगस्त की शुरुआत में लॉकाप एग्रीमेंट्स का खत्म होना है। ये एग्रीमेंट्स कंपनी के अंदरूनी लोगों, कर्मचारियों और शुरुआती निवेशकों को अपने शेयर बेचने से रोकते हैं। जब ये पाबंदियां हटेंगी, तो 911.5 मिलियन तक शेयर ट्रेड के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। मौजूदा बाजार भाव पर, इन शेयर्स की कीमत लगभग $123 बिलियन होगी, जो कि मार्केट में अभी सर्कुलेट हो रहे $86 बिलियन के शेयर्स से काफी ज़्यादा है। इतिहास बताता है कि जब इतनी बड़ी संख्या में शेयर अचानक मार्केट में आते हैं, तो कीमतें तेज़ी से गिर सकती हैं, खासकर अगर कई होल्डर्स एक साथ बेचने का फैसला करें।

वैल्यूएशन और वित्तीय स्थिति

हालिया गिरावट के बावजूद, SpaceX की मार्केट कैप अभी भी करीब $1.8 ट्रिलियन है। कंपनी इस समय अपने अनुमानित रेवेन्यू के 49x पर ट्रेड कर रही है। तुलना के लिए, Tesla का रेवेन्यू मल्टीपल 15x है।

वित्तीय लिहाज़ से, कंपनी का वैल्यूएशन जानकारों के बीच बहस का विषय बना हुआ है। पिछले साल SpaceX को करीब $5 बिलियन का नेट लॉस (Net Loss) हुआ था। हालांकि, इसके समर्थक Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस की ग्रोथ और सरकारी लॉन्च कॉन्ट्रैक्ट्स का हवाला देते हैं। कवरेज करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से ज़्यादातर का पॉजिटिव आउटलुक है, लेकिन वैल्यूएशन और कंपनी की बॉटम-लाइन परफॉर्मेंस के बीच का अंतर कुछ निवेशकों के लिए चिंता का कारण है।

पिछला रिकॉर्ड और आगे क्या?

अमेरिका में हुए पिछले बड़े IPOs के डेटा से पता चलता है कि जिन कंपनियों के शेयर लिस्टिंग के दो महीने के अंदर IPO प्राइस से नीचे चले जाते हैं, उन्हें अक्सर परफॉर्मेंस में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अब सभी की निगाहें अगस्त की शुरुआत पर हैं, जब लॉकाप पीरियड खत्म होगा। इसका बाज़ार पर असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने अंदरूनी लोग शेयर बेचते हैं और बढ़ी हुई सप्लाई को अवशोषित (absorb) करने के लिए कितनी नई डिमांड आती है। शेयर को ट्रैक करने वालों के लिए रोज़ाना ट्रेडिंग वॉल्यूम और अंदरूनी बिक्री से जुड़ी किसी भी आधिकारिक घोषणा पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।

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