27 अक्टूबर, 2026 को Sona BLW Precision Forgings और चुनिंदा मिड-कैप शेयरों में टेक्निकल बाइंग के दम पर तेजी देखी गई। वहीं दूसरी तरफ, Hindustan Unilever, REC और Dalmia Bharat जैसे बड़े शेयरों के 52-वीक लो पर पहुंचने से बाजार में भारी गिरावट का माहौल है।
बाजार में आज एक अजीब सी खींचतान देखने को मिली। जहां एक तरफ Sona BLW Precision Forgings ने 7.09% की शानदार उछाल मारी, वहीं दूसरी ओर दिग्गज कंपनियां दबाव में रहीं। इस तेजी के पीछे का मुख्य कारण टेक्निकल ब्रेकआउट है, जहां शेयर की कीमत मूविंग एवरेज से ऊपर निकल गई, जो ट्रेडर्स के लिए शॉर्ट-टर्म बाइंग का संकेत है। इस दौड़ में S A Tech Software और Tera Software जैसे मिड-कैप शेयरों ने भी अपनी चमक बिखेरी।
बाजार का दोमुंहा रुख
निवेशकों का पैसा अब पारंपरिक लार्ज-कैप सेक्टर से निकलता हुआ दिख रहा है। Hindustan Unilever, REC और Dalmia Bharat का अपने 52-वीक लो को छूना इस बात का प्रमाण है कि कंज्यूमर और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों पर दबाव है। Orient Cement भी 2.78% फिसलकर अपने सपोर्ट लेवल से नीचे आ गया है।
टेक्निकल चाल या फंडामेंटल मजबूती?
S A Tech Software और Sona BLW में दिखी रैली पूरी तरह से टेक्निकल चार्ट्स पर आधारित है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे ब्रेकआउट्स शॉर्ट-टर्म में कमाई का मौका तो देते हैं, लेकिन ये कंपनी के लॉन्ग-टर्म हेल्थ की गारंटी नहीं होते। दूसरी तरफ, Atlantaa, Ideaforge Technology और Ujaas Energy में अपर सर्किट लगते दिखे, जो सट्टा बाजार की सक्रियता को दर्शाते हैं।
लार्ज-कैप्स में क्यों है डर?
Hindustan Unilever जैसे शेयरों का गिरना FMCG सेक्टर में घटती खपत और कमजोर डिमांड की ओर इशारा करता है। वहीं, REC और Dalmia Bharat में कमजोरी देश में इंफ्रा प्रोजेक्ट्स और कैपिटल एक्सपेंडिचर की रफ्तार को लेकर चिंताएं बढ़ा रही है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सिर्फ चार्ट्स को न देखें, बल्कि कंपनी के फंडामेंटल और डिमांड ट्रेंड्स पर भी गहरी नजर रखें, ताकि वे सही फैसला ले सकें।
