वैल्यूएशन में नरमी और छोटी सी रिकवरी
भारतीय स्मॉल-कैप (Small Cap) शेयर बाजार पिछले एक साल से अपने बड़े साथियों के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन कर रहा था। पिछले 12 महीनों में, Nifty Small-cap 250 इंडेक्स ने -0.88% का रिटर्न दिया है। इसकी तुलना में, Nifty Midcap 100 ने 8.83% और Nifty 50 ने -0.39% का रिटर्न दर्ज किया है। बाजार की चौड़ाई (market breadth) को देखें तो, लगभग 80% स्मॉल-कैप कंपनियों के शेयर अपने उच्चतम स्तर से 20% से अधिक गिरे हैं।
हालांकि, हाल के आंकड़े एक शुरुआती रिकवरी का संकेत दे रहे हैं। 3 फरवरी 2026 को Nifty Small-cap 250 इंडेक्स में 2.94% की बढ़ोतरी देखी गई, जो एक संभावित बदलाव की ओर इशारा कर रहा है।
पहले काफी बढ़े हुए स्मॉल-कैप शेयरों के वैल्यूएशन अब सिकुड़ गए हैं। 30 जनवरी 2026 तक, Nifty Small-cap 250 इंडेक्स का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो गिरकर लगभग 27.14 हो गया है, जो इसके 10 साल के औसत लगभग 29.9 के मुकाबले कम है। वैल्यूएशन में यह नरमी और हालिया इंडेक्स परफॉरमेंस में उछाल, यह दर्शाता है कि यह सेगमेंट अब निवेश के लिहाज़ से ज्यादा आकर्षक हो सकता है। Nifty Smallcap 250 का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) ₹42,53,757 करोड़ है।