2 नवंबर, 2026 को शेयर बाजार में Silky Overseas और Menon Bearings ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में तकनीकी मजबूती के चलते इन शेयरों में शानदार उछाल दर्ज किया गया, हालांकि निवेशकों को निवेश से पहले इनके फंडामेंटल्स की बारीकी से जांच करनी चाहिए।
2 नवंबर, 2026 के कारोबारी सत्र में बाजार का मिजाज काफी दिलचस्प रहा। निवेशकों ने खास तौर पर मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में खरीदारी दिखाई, जिससे Silky Overseas और Menon Bearings के भाव अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर निकल गए।
Silky Overseas का प्रदर्शन
टेक्सटाइल सेक्टर की इस कंपनी के शेयर में 12.57% की जोरदार बढ़त देखी गई और यह ₹76.95 पर बंद हुआ। ₹43.5 करोड़ के मार्केट कैप वाली इस कंपनी के लिए यह तेजी सेक्टर के रुझान के बजाय स्थानीय खरीदारी का परिणाम है। निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि कंपनी का रेवेन्यू 13.18% गिर चुका है और वर्किंग कैपिटल की भारी मांग कैश फ्लो पर दबाव डाल सकती है।
Menon Bearings की स्थिति
इंजन कंपोनेंट्स बनाने वाली Menon Bearings का शेयर 9.63% उछलकर ₹313.50 पर पहुंचा। कंपनी का मार्केट कैप ₹1,741 करोड़ है। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने 67.38% का जबरदस्त नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन इसके ऊपर ₹26.80 करोड़ का कर्ज भी है। साथ ही, नियामक अनुपालन (regulatory compliance) के मामले में कंपनी के ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर रखना जरूरी है।
बाजार का रुख
फिलहाल मार्केट में एक स्पष्ट विभाजन दिख रहा है। जहां छोटे शेयरों में तकनीकी ब्रेकआउट हो रहे हैं, वहीं Indian Hotels और Coforge जैसे ब्लू-चिप शेयर अपने 52-वीक हाई पर बने हुए हैं, जो यह दर्शाता है कि बड़ा पैसा सुरक्षित और स्थापित कंपनियों में लगा हुआ है। अब निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि क्या ये मिड-कैप उछाल फंडामेंटल मजबूती के दम पर टिक पाएंगे या नहीं।
