Siemens Energy और Polycab India बने Motilal Oswal के टॉप पिक्स! जानिए क्या है वजह

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AuthorAditya Rao|Published at:
Siemens Energy और Polycab India बने Motilal Oswal के टॉप पिक्स! जानिए क्या है वजह
Overview

Motilal Oswal Financial Services ने 2 मार्च 2026 से शुरू होने वाले हफ्ते के लिए Siemens Energy और Polycab India को अपने पसंदीदा स्टॉक के रूप में चुना है। Siemens Energy को T&D (ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन) केपेक्स और एनर्जी ट्रांजिशन से फायदा होने की उम्मीद है, वहीं Polycab अपने मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के दम पर केबल्स एंड वायर्स सेगमेंट में मार्केट शेयर बढ़ा रहा है।

सेक्टर की तेजी और भू-राजनीतिक चालें: Motilal Oswal का दांव

Motilal Oswal Financial Services ने इस हफ्ते के लिए दो दमदार स्टॉक चुने हैं - Siemens Energy और Polycab India। कंपनी का मानना है कि ये दोनों शेयर अपने-अपने सेक्टर में चल रही तेजी का फायदा उठाने के लिए तैयार हैं, भले ही ग्लोबल भू-राजनीतिक तनाव बने हुए हैं।

Siemens Energy को घरेलू और ग्लोबल ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) कैपिटल एक्सपेंडिचर (केपेक्स) साइकिल से बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, एनर्जी ट्रांजिशन (ऊर्जा परिवर्तन) की बढ़ती मांग और ट्रांसफार्मर की जरूरतें भी कंपनी के पक्ष में काम कर रही हैं। दूसरी ओर, Polycab India अपने केबल्स एंड वायर्स सेगमेंट में अपनी लीडिंग पोजिशन को और मजबूत कर रहा है। कंपनी अपने बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और प्रीमियम प्रोडक्ट्स के दम पर मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत बना रहा है, खासकर रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की डिमांड को देखते हुए।

वैल्यूएशन पर एक नजर

Siemens Energy के लिए, Motilal Oswal का अनुमान है कि FY27 और FY28 की कमाई के हिसाब से इसका पी/ई रेश्यो लगभग 46.6x और 38.3x रहेगा। कंपनी का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹3,600 कर दिया गया है। इन अनुमानों के पीछे FY25-28 के दौरान रेवेन्यू, एबिटडा (EBITDA) और पैट (PAT) में 27%, 31% और 32% की सीएजीआर (CAGR) ग्रोथ का अनुमान है।

वहीं, Polycab India फिलहाल लगभग 49.4x के पी/ई रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है, जो भारतीय इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री के औसत 25.1x से काफी ज्यादा है। यह दर्शाता है कि शेयर थोड़ा महंगा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि Polycab के लिए टारगेट प्राइस ₹6,400 से ₹9,744 के बीच है, जिसका औसत ₹8,666.97 है। इस औसत टारगेट के हिसाब से शेयर में नियर-टर्म में सिर्फ 0.66% की ही तेजी की गुंजाइश दिखती है। इसका मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ का काफी हिस्सा पहले से ही स्टॉक प्राइस में शामिल है।

सेक्टर की ताकत और गलाकाट मुकाबला

Siemens Energy और Polycab दोनों ही ऐसे सेक्टर में काम कर रहे हैं जहाँ लंबी अवधि में ग्रोथ के मजबूत ड्राइवर मौजूद हैं। भारतीय वायर्स और केबल्स मार्केट अगले पांच सालों में 8-12% की सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है, और 2030-2032 तक इसका बाजार ₹2-3 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) को अपनाना और 5G का विस्तार इस ग्रोथ को गति देगा।

Polycab के पास इस बाजार में लगभग 18% का मार्केट शेयर है, जिससे वह KEI Industries और RR Kabel जैसी कंपनियों के साथ लीडरशिप पोजीशन पर है। कंपनी का 'प्रोजेक्ट स्प्रिंग' इंडस्ट्री की औसत से 1.5 गुना ग्रोथ हासिल करने का लक्ष्य रखता है, जो प्रीमियमाइजेशन स्ट्रेटेजी से समर्थित है।

Siemens Energy के लिए, T&D सेक्टर को सरकार के बड़े निवेश और ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन के पुश का फायदा मिल रहा है। सितंबर 2025 तक कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग ₹16,205 करोड़ था, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 47% ज्यादा है। यह मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी का संकेत है। कंपनी अपनी ट्रांसफार्मर कैपेसिटी को 60,000 MVA तक बढ़ा रही है, जो लगातार मांग में विश्वास को दर्शाता है।

हालांकि, Polycab को बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले Goldman Sachs ने ऊंचे वैल्यूएशन और नए प्लेयर्स के आने का हवाला देते हुए स्टॉक को डाउनग्रेड किया था। Siemens Energy के Q4 FY2025 के नतीजे बताते हैं कि रेवेन्यू में 27% और प्रॉफिट में 31% की वृद्धि हुई, मार्जिन 16.9% रहा। प्रोजेक्ट बिज़नेस का बड़ा हिस्सा होने के बावजूद मार्जिन पर हल्का असर रहा।

⚠️ जोखिम और चिंताएं

दोनों कंपनियों के फंडामेंटल्स मजबूत होने के बावजूद, कुछ जोखिमों पर ध्यान देना जरूरी है। Polycab का 49.4x का ऊंचा पी/ई रेश्यो, जो इंडस्ट्री के औसत 25.1x से काफी ऊपर है, यह बताता है कि स्टॉक ओवरवैल्यूड हो सकता है और बाजार के मूड में बदलाव आने पर यह गिर सकता है। इसके अलावा, मार्च 2025 में Goldman Sachs द्वारा स्टॉक को डाउनग्रेड करना, ऊंचे वैल्यूएशन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसी चिंताओं को उजागर करता है।

वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल, खासकर हालिया ईरान पर हुए हमलों से कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ सकता है। इससे Polycab के कच्चे माल (जैसे कॉपर, एल्युमीनियम) की लागत पर असर पड़ सकता है और कंस्ट्रक्शन व इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च भी प्रभावित हो सकता है। हालांकि Polycab के पास लागतों को ग्राहकों पर डालने के तरीके हैं, लेकिन कीमतों में लगातार उछाल से मार्जिन या वॉल्यूम पर दबाव आ सकता है।

Siemens Energy के लिए, ऑर्डर बैकलॉग में मजबूत ग्रोथ के बावजूद, Q4 FY2025 में प्रोजेक्ट बिज़नेस का प्रॉफिट मार्जिन पर असर एक ऐसी बात है जिस पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। भू-राजनीतिक तनाव ग्लोबल एनर्जी मार्केट को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकते हैं, जिससे केपेक्स साइकिल या प्रोजेक्ट टाइमलाइन पर असर पड़ सकता है। हालांकि, कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक और कैपेसिटी विस्तार इसकी मजबूती को दर्शाता है।

भविष्य की राह

Motilal Oswal का अनुमान है कि FY25-28E के दौरान Siemens Energy के लिए रेवेन्यू, एबिटडा और पैट में क्रमशः 27%, 31% और 32% की सीएजीआर ग्रोथ देखी जाएगी। यह ग्रोथ ट्रांसमिशन में मजबूती और पारंपरिक पावर टेक्नोलॉजीज में रिकवरी से आएगी।

Polycab के लिए, ब्रोकरेज FY26 से FY28 के बीच रेवेन्यू, एबिटडा और पैट में लगभग 16%, 19% और 18% की सीएजीआर ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है। वायर्स और केबल्स सेक्टर के बारे में अनुमान है कि यह सालाना लगभग 8-12% की दर से बढ़ेगा, और 2030 तक बाजार का आकार $35 बिलियन तक पहुंच सकता है। Siemens Energy के सीईओ ने भी कोर प्रोडक्ट्स, खासकर ग्रिड मॉडर्नाइजेशन और कन्वेंशनल पावर टेक्नोलॉजीज की मजबूत मांग का जिक्र किया है, जिससे कंपनी के आउटलुक को और मजबूती मिलती है।

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