Sensex का जोरदार कमबैक! TCS के मुनाफे में **15%** की उछाल, बाजार में आई हरियाली

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Sensex का जोरदार कमबैक! TCS के मुनाफे में **15%** की उछाल, बाजार में आई हरियाली

9 अक्टूबर 2026 को भारतीय बाजारों में दमदार रिकवरी देखने को मिली। Sensex **400** अंक चढ़ा, जिसमें TCS के शानदार Q2 रिजल्ट्स ने मुख्य भूमिका निभाई। कंपनी का नेट प्रॉफिट **15%** बढ़ा है, हालांकि मार्जिन का दबाव अब भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

भारतीय इक्विटी मार्केट ने 8 अक्टूबर की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए 9 अक्टूबर को एक मजबूत शुरुआत की है। Sensex में करीब 400 अंकों की बढ़त देखी गई और Nifty 50 इंडेक्स 22,300 के स्तर को पार करने में सफल रहा। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ IT दिग्गज Tata Consultancy Services का रहा, जिसने फाइनेंशियल ईयर 2027 के अपने दूसरे तिमाही के नतीजे पेश किए हैं।

TCS का दमदार प्रदर्शन

TCS ने सितंबर तिमाही के लिए शानदार ऑपरेशनल आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 15% बढ़कर ₹13,884 करोड़ पहुंच गया है। वहीं, कंपनी की कुल रेवेन्यू ₹73,188 करोड़ दर्ज की गई है। सबसे बड़ी बात यह रही कि कंपनी ने इस तिमाही में कुल $9.6 बिलियन की कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू के नए डील हासिल किए हैं। निवेशकों के भरोसे को कायम रखते हुए कंपनी ने प्रति शेयर ₹12 के इंटरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

मार्जिन और सेक्टर के रिस्क

मुनाफे में बढ़त के बावजूद, कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है। TCS का EBIT मार्जिन 24% रहा, जो कि 24.38% के अनुमान से थोड़ा कम है। यह दर्शाता है कि अधिग्रहण और अन्य मौसमी खर्चों के कारण कंपनी की मुनाफेदारी पर थोड़ा दबाव है।

इतना ही नहीं, IT सेक्टर के सामने वैश्विक स्तर पर भी चुनौतियां हैं। अमेरिकी लेबर विभाग द्वारा 8 IT कंपनियों को PERM प्रोग्राम से सस्पेंड करने की खबर ने स्टाफिंग और अनुपालन लागत (compliance costs) को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा, क्रूड ऑयल के दाम $104-$105 प्रति बैरल के आसपास बने हुए हैं, जो कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। साथ ही, US ट्रेजरी यील्ड और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की पॉलिसी पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

आज की तेजी नतीजों पर मार्केट की सकारात्मक प्रतिक्रिया है, लेकिन टिकाऊपन के लिए मांग में और रिकवरी की जरूरत है। निवेशकों को यह देखना होगा कि मैनेजमेंट मार्जिन के दबाव को आने वाली तिमाहियों में कैसे मैनेज करता है। Nifty का 22,300 के स्तर के ऊपर बने रहना मार्केट सेंटीमेंट के लिए अगला बड़ा संकेत होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.