भारतीय बाजारों में बुधवार को सकारात्मक रुख रहा। Sensex और Nifty में क्रमशः **0.45%** और **0.43%** की बढ़त देखी गई, जिसका मुख्य कारण FMCG और PSU बैंक रहे। हालांकि, IT सेक्टर पर दबाव दिखा और टाटा संस की बोर्ड मीटिंग से पहले सतर्कता के चलते TCS का शेयर **2.76%** टूट गया।
बुधवार, 16 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। BSE Sensex 74,336.45 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 ने 23,217.60 पर कारोबार समाप्त किया। बाजार में FMCG और PSU बैंकों ने रिकवरी की बागडोर संभाली। Nifty FMCG इंडेक्स में ITC और Hindustan Unilever जैसे दिग्गजों में खरीदारी दिखी, जो पिछले एक साल के सुस्त प्रदर्शन से उबरते नजर आए।
TCS पर क्यों है दबाव?
IT सेक्टर में जारी कमजोरी के बीच TCS का शेयर 2.76% लुढ़क गया। इस गिरावट के पीछे केवल ग्लोबल मैक्रोइकोनॉमिक दबाव ही नहीं, बल्कि कंपनी के भीतर चल रही घटनाएं भी हैं। निवेशक 17 सितंबर 2026 को होने वाली टाटा संस की बोर्ड मीटिंग पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। यह बैठक लीडरशिप सक्सेशन जैसे अहम मुद्दों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि चेयरमैन N. Chandrasekaran ने स्पष्ट किया है कि वे फरवरी 2027 में अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद तीसरा टर्म नहीं लेंगे।
रेगुलेटरी चुनौतियां
टाटा समूह के सामने रेगुलेटरी मुश्किलें भी कम नहीं हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में टाटा संस की 'कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी' के तौर पर रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी को खारिज कर दिया है। इससे समूह की लिस्टिंग और स्ट्रक्चर को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसने निवेशकों की चिंता में इजाफा किया है। अब बाजार की नजरें कल की बोर्ड मीटिंग और प्रबंधन की टिप्पणियों पर टिकी हैं कि वे इस नेतृत्व बदलाव और रेगुलेटरी चुनौतियों से कैसे निपटेंगे।
