Samvat 2081 Market Outlook: संवत 2081 में निवेश की नई रणनीति, एक्सपर्ट्स ने बताई कमाई की 'गोल्डन' ट्रिक

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Samvat 2081 Market Outlook: संवत 2081 में निवेश की नई रणनीति, एक्सपर्ट्स ने बताई कमाई की 'गोल्डन' ट्रिक

संवत 2081 की शुरुआत के साथ ही मार्केट एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को एक संतुलित (Balanced) पोर्टफोलियो बनाने की सलाह दी है। ग्लोबल उतार-चढ़ाव से बचने के लिए लार्ज-कैप शेयरों के साथ गोल्ड को शामिल करना और SIP के जरिए निवेश जारी रखना ही लंबी अवधि में वेल्थ बनाने का सही तरीका माना जा रहा है।

भारत के शेयर बाजार में संवत 2081 का आगाज हो चुका है और इस नए साल में एक्सपर्ट्स ने निवेश का नजरिया बदल दिया है। केवल हाई-ग्रोथ स्टॉक्स पर दांव लगाने के बजाय, अब एक ऐसे डिफेंसिव पोर्टफोलियो पर जोर दिया जा रहा है जिसमें इक्विटी, गोल्ड और डेट का मिश्रण हो ताकि ग्लोबल अनिश्चितताओं से बचा जा सके।

लार्ज-कैप पर भरोसा

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस समय पोर्टफोलियो में लार्ज-कैप कंपनियों को प्राथमिकता देना समझदारी है। इन बड़ी कंपनियों की बैलेंस शीट ज्यादा मजबूत होती है और कमाई का अनुमान लगाना आसान होता है, जो बाजार की अस्थिरता के दौरान एक सुरक्षा कवच का काम करता है। हालांकि Nifty की वैल्यूएशन अब पहले के मुकाबले बेहतर दिख रही है, लेकिन निवेशकों को ध्यान देना होगा कि कौन सी कंपनियां अगले क्वार्टर्स में अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती हैं।

गोल्ड क्यों है जरूरी?

पोर्टफोलियो को संतुलित रखने के लिए गोल्ड एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। ग्लोबल इकोनॉमिक कंडीशंस को देखते हुए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि कुल निवेश का 15% से 20% हिस्सा गोल्ड में होना चाहिए। इसका मकसद सिर्फ रिटर्न कमाना नहीं, बल्कि इक्विटी मार्केट के दबाव के समय पोर्टफोलियो की वैल्यू को सुरक्षित रखना है। यदि आपके पास पहले से गोल्ड है, तो गिरावट के दौरान इसे और खरीदने के बजाय पोर्टफोलियो रीबैलेंस करना बेहतर विकल्प है।

रिस्क मैनेजमेंट और अनुशासन

लॉन्ग-टर्म के लिए भारत की कहानी मजबूत है, लेकिन शॉर्ट-टर्म रिस्क को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली से बाजार में अचानक झटके लग सकते हैं। साथ ही, स्मॉल-कैप स्टॉक्स में अभी भी कमाई को लेकर अनिश्चितता है, इसलिए वहां सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। ऐसे समय में SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए अनुशासन के साथ निवेश करना ही सबसे बेहतरीन हथियार है। यह बाजार को टाइम करने की कोशिश से बेहतर है और गिरावट के समय शेयरों की खरीदारी की औसत लागत (Cost Averaging) को कम करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.