Royal Orchid Hotels अपने एसेट-लाइट (Asset-light) बिजनेस मॉडल पर तेजी से काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 345 प्रॉपर्टीज का नेटवर्क खड़ा करना है, जिसमें Hampton by Hilton के साथ **125** होटलों का बड़ा करार शामिल है।
एसेट-लाइट मॉडल पर दांव
Royal Orchid Hotels Limited (ROHL) फिलहाल बाजार में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। स्टॉक अभी ₹301 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो अपने 52-वीक हाई ₹574 से काफी नीचे है। कंपनी अब अपनी पूंजी को होटलों को खरीदने में लगाने के बजाय 'एसेट-लाइट' मॉडल अपना रही है, ताकि परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) बढ़ाई जा सके।
इस रणनीति के तहत, कंपनी ने Hilton के साथ साझेदारी की है, जिसके जरिए भारत में 125 नए Hampton by Hilton होटल खोले जाएंगे। मैनेजमेंट का लक्ष्य 2030 तक कुल 345 प्रॉपर्टीज के नेटवर्क तक पहुंचना है।
मुनाफे पर दबाव की वजह
फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹384 करोड़ रहा, लेकिन नए होटलों के लॉन्च और Iconiqa जैसे फ्लैगशिप एसेट्स के प्री-ओपनिंग खर्चों के कारण मुनाफे पर दबाव दिखा है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जब भी कोई नया होटल खुलता है, तो उसे 'गेस्टेशन पीरियड' से गुजरना पड़ता है। इस दौरान रेवेन्यू आने में समय लगता है, लेकिन स्टाफ और लीज के फिक्स्ड खर्चे जारी रहते हैं, जिसका असर मार्जिन पर पड़ता है।
रिस्क और निवेश का नजरिया
कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions) का असर ग्लोबल टूरिज्म और होटल ऑक्यूपेंसी पर पड़ सकता है। इसके अलावा, कॉर्पोरेट और लेजर ट्रैवल में उतार-चढ़ाव भी एक जोखिम है।
आगे बढ़ते हुए, बाजार की नजरें इस बात पर होंगी कि कंपनी अपने विस्तार को कितनी तेजी से अमल में लाती है। निवेश करने वालों के लिए एक जरूरी अपडेट यह है कि कंपनी 26 सितंबर 2026 को अपनी 40वीं AGM आयोजित करने जा रही है, जिसमें ₹2.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) पर भी चर्चा होगी।
