Raymond के शेयर में हाल ही में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कंपनी ने ₹214.71 करोड़ जुटाने के लिए कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने की मंजूरी दी है, जिसके बाद निवेशकों की नजरें इसके एयरोस्पेस और डिफेंस कारोबार के भविष्य पर टिकी हैं।
फंड जुटाने की क्या है रणनीति?
Raymond Limited ने हाल ही में बोर्ड मीटिंग के दौरान ₹214.71 करोड़ जुटाने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी 33.29 लाख कन्वर्टिबल वारंट्स Minerva Ventures Fund को ₹645 प्रति वारंट के भाव पर जारी करेगी। यह कदम कंपनी की नई बिजनेस प्रोफाइलिंग और कैपिटल एलोकेशन रणनीति का हिस्सा है।
रिकॉर्ड हाई और मुनाफावसूली (Profit Booking)
इस खबर से पहले शेयर में जबरदस्त तेजी देखी गई थी, और 8 सितंबर को यह ₹869.05 के अपने लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया था। हालांकि, इसके अगले ही सेशन में निवेशकों ने मुनाफे की बुकिंग शुरू की, जिससे शेयर में 8% से ज्यादा की गिरावट आई। यह चार्ट पर मोमेंटम और प्रॉफिट बुकिंग के बीच के संघर्ष को दिखाता है।
एयरोस्पेस और डिफेंस में दांव
निवेशक अब Raymond को केवल एक टेक्सटाइल कंपनी के रूप में नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की उभरती कंपनी के रूप में देख रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी की कुल आय ₹628 करोड़ रही, जो कि पिछले साल के मुकाबले 13% अधिक है। साथ ही, कंपनी का EBITDA ₹100 करोड़ रहा, जिसमें 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अच्छी बात यह है कि कंपनी नेट-डेट-फ्री (Net-Debt-Free) है और उसके पास ₹129 करोड़ का नेट कैश सरप्लस मौजूद है।
टेक्निकल और वैल्युएशन की चुनौती
शेयर में तेजी इतनी तेज थी कि RSI इंडिकेटर 82 के स्तर पर पहुंच गया था, जो बताता है कि स्टॉक 'ओवरबॉट' (Overbought) जोन में था। साथ ही, कंपनी का P/E मल्टीपल इंडस्ट्री के औसत से काफी ऊपर चल रहा है। इसका मतलब है कि बाजार को कंपनी के नए बिजनेस मॉडल से बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं। यदि एयरोस्पेस सेक्टर में ऑर्डर को रेवेन्यू में बदलने में देरी हुई, तो शेयर के वैल्युएशन पर दबाव आ सकता है।
