एक तरफ विशाल मेगा मार्ट (VMML) के प्रमोटर ने अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेच दी, वहीं IRCTC और Jubilant Foodworks में हुए थोक सौदों (bulk deals) ने रिटेल, ट्रैवल और क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टरों में निवेशकों की बदलती चाल और सेक्टर-विशिष्ट सेंटीमेंट का साफ इशारा दिया है। यह दिखाता है कि बड़े निवेशक अब पोर्टफोलियो को रणनीतिक रूप से फिर से बना रहे हैं और वैल्यूएशन पर दोबारा विचार कर रहे हैं।
IPO के बाद प्रमोटर की बड़ी रणनीति (VMML का विश्लेषण)
Samayat Services LLP नाम की प्रमोटर कंपनी ने 27 फरवरी को विशाल मेगा मार्ट (VMML) में अपनी करीब 14% हिस्सेदारी ₹7,635.6 करोड़ में बेच दी। यह तब हुआ जब कंपनी ने दिसंबर 2024 में अपने IPO से ₹8,000 करोड़ जुटाए थे। HDFC Mutual Fund और Government of Singapore जैसे बड़े फंड्स इस बिकवाली के दौरान खरीदारी करने वालों में शामिल रहे। उन्होंने लगभग ₹117 प्रति शेयर के भाव पर कुल 6% से ज्यादा हिस्सेदारी खरीदी। लेकिन बाजार की पहली प्रतिक्रिया नकारात्मक रही और VMML के शेयर 7.65% की गिरावट के साथ ₹117.78 पर बंद हुए। भारी मात्रा में शेयर खरीदे-बेचे गए।
दिलचस्प बात यह है कि ज्यादातर एनालिस्ट्स अभी भी VMML पर बुलिश हैं। 14 में से 12 एनालिस्ट्स 'Buy' की सलाह दे रहे हैं, जिनका अनुमान है कि अगले 12 महीनों में शेयर ₹157.50 तक जा सकता है, जो कि मौजूदा भाव से 23% से अधिक की तेजी का संकेत है। कंपनी का P/E रेश्यो करीब 56.2 से 72.93 के बीच है। वहीं, इसका प्राइस-टू-बुक वैल्यू (P/B) रेश्यो 7.9 है, जिसे कुछ एनालिस्ट्स महंगा मान रहे हैं। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹55,000 करोड़ के आसपास है। रिटेल सेक्टर में टियर II और टियर III शहरों से डिमांड और टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल से ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन कुछ जानकारों का मानना है कि यह सेक्टर थोड़ी सावधानी बरतने की स्थिति में है, जहां विस्तार के साथ-साथ ऑपरेशनल एफिशिएंसी भी जरूरी है।
अलग-अलग सेक्टरों के संकेत (IRCTC और JUBFOOD)
इसी दौरान, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) और Jubilant Foodworks (JUBFOOD) में हुए थोक सौदों (bulk deals) ने अलग-अलग कंज्यूमर-फेसिंग इंडस्ट्रीज की मिली-जुली तस्वीर पेश की। BNP Paribas Financial Markets ने IRCTC की 0.59% हिस्सेदारी ₹269.74 करोड़ में खरीदी। इसके बावजूद, IRCTC का शेयर 4.27% गिरकर ₹569.55 के स्तर पर आ गया, जो अप्रैल 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर है। यह तब हुआ जब 2026 में भारत के ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है, जिसमें इनबाउंड और डोमेस्टिक डिमांड का अहम योगदान होगा। IRCTC का P/E रेश्यो करीब 34.6 से 36.6 है, जबकि P/B रेश्यो 11.5 और PEG रेश्यो 3.1 बताता है कि यह महंगा शेयर है।
इसके विपरीत, BNP Paribas ने Jubilant Foodworks की 0.75% हिस्सेदारी ₹257.2 करोड़ में खरीदी, और इसके शेयर में 0.73% की मामूली तेजी देखने को मिली और यह ₹519.9 पर बंद हुआ। JUBFOOD क्वीक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) मार्केट में काम करता है, जिसके 2030 तक $43.5 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 9.36% की सालाना ग्रोथ (CAGR) की उम्मीद है। कंपनी का P/E रेश्यो फरवरी 2026 तक 85.9 से 116.84 के बीच बना हुआ है, जो एक प्रीमियम वैल्यूएशन दिखाता है। हालांकि, पिछले एक साल में इसके शेयर में 26% से ज्यादा की गिरावट आई है। एनालिस्ट्स की राय ज्यादातर 'Buy' की है, और वे काफी अपसाइड की उम्मीद जता रहे हैं, लेकिन कुछ मार्केट एनालिस्ट्स इसे 'Hold' की सलाह देते हुए वैल्यूएशन संबंधी चिंताओं को भी स्वीकार करते हैं।
विश्लेषकों की चिंताएं
VMML में प्रमोटर की यह बड़ी बिकवाली, मजबूत IPO और अच्छे एनालिस्ट रेटिंग के बावजूद, भविष्य की ग्रोथ प्रोजेक्शन और मौजूदा वैल्यूएशन की स्थिरता पर सवाल खड़े करती है। इसका P/B रेश्यो काफी ऊंचा है, और इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) में सुधार दिख रहा है, लेकिन वे असाधारण नहीं हैं, जो प्रतिस्पर्धी रिटेल स्पेस में मार्जिन पर दबाव का संकेत दे सकते हैं। IRCTC के मामले में, ब्लॉक डील के बाद शेयर में आई तेज गिरावट निवेशक की चिंताओं को दर्शा सकती है, चाहे वह रेगुलेटरी इश्यूज हों या बढ़ती प्रतिस्पर्धा, साथ ही इसके ऊंचे वैल्यूएशन मेट्रिक्स भी एक वजह हो सकते हैं। Jubilant Foodworks के सामने QSR मार्केट में कड़ा मुकाबला है, जहां वैल्यू-ड्रिवन कंज्यूमर डिमांड का असर मार्जिन और मुनाफावसूली पर पड़ सकता है। पिछले एक साल में शेयर में आई बड़ी गिरावट, कुछ एनालिस्ट्स के भरोसे के बावजूद, यह दर्शाती है कि मार्केट को कंपनी की ग्रोथ की योजनाओं को शेयरहोल्डर वैल्यू में बदलने की क्षमता पर संदेह है, खासकर कड़े मुकाबले और ऊंचे वैल्यूएशन के बीच।
आगे क्या? (Outlook)
आने वाले समय में, डोमेस्टिक कंजम्पशन और फॉर्मलाइजेशन के चलते रिटेल सेक्टर में ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। 2026 तक ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री में भी मजबूत विस्तार का अनुमान है, जिसमें इनबाउंड और डोमेस्टिक सेगमेंट अच्छी रिकवरी दिखा रहे हैं। QSR मार्केट में भी अच्छी ग्रोथ की भविष्यवाणी की गई है, हालांकि निकट अवधि में वैल्यू-सीकिंग कंज्यूमर्स और कड़े मुकाबले से दबाव का सामना करना पड़ सकता है। VMML के लिए, एनालिस्ट्स अपसाइड की संभावना देख रहे हैं, लेकिन वैल्यूएशन एक बड़ी चिंता बनी हुई है। IRCTC की आगे की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि वह रेगुलेटरी पहलुओं से कैसे निपटती है और टूरिज्म ग्रोथ का कितना फायदा उठा पाती है। Jubilant Foodworks को, एनालिस्ट्स की 'Buy' रेटिंग के बावजूद, सेक्टर-व्यापी चुनौतियों और बदलते कंज्यूमर प्रेफरेंसेज के बीच लगातार प्रॉफिट ग्रोथ दिखाने और अपने प्रीमियम वैल्यूएशन को सही ठहराने की जरूरत होगी।