8 अक्टूबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। RBI द्वारा रेपो रेट बढ़ाए जाने और ग्लोबल दबाव के कारण Power Grid Corporation of India और Inox Wind अपने 52-वीक के निचले स्तर पर आ गए हैं, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
भारतीय बाजारों के लिए 8 अक्टूबर, 2026 का सत्र काफी चुनौतीपूर्ण रहा। बेंचमार्क इंडेक्स पर भारी दबाव साफ दिखा, जिसमें Power Grid Corporation of India और Inox Wind जैसे बड़े नाम अपने 52-वीक लो लेवल तक लुढ़क गए। यह गिरावट बताती है कि मौजूदा बिकवाली का असर हर तरह की कंपनियों पर पड़ रहा है।
बाजार में गिरावट के बड़े कारण
बाजार की कमजोरी की बड़ी वजहें ग्लोबल हैं, जिसमें बढ़ती US ट्रेजरी यील्ड और क्रूड ऑयल की कीमतों को लेकर अनिश्चितता शामिल है। घरेलू मोर्चे पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी ने आग में घी का काम किया है। ब्याज दरें बढ़ने से कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है और भविष्य की कमाई का वैल्यूएशन घट जाता है, जिससे सेंटिमेंट खराब हो रहा है।
पावर और रिन्यूएबल सेक्टर पर असर
यह देखना हैरान करने वाला है कि Power Grid, जिसे आमतौर पर एक सुरक्षित और स्थिर डिविडेंड देने वाला स्टॉक माना जाता है, वह भी 52-वीक लो पर है। यह 'रिस्क-ऑफ' सेंटिमेंट को दर्शाता है, जहां निवेशक अब सेक्टर बदलने के बजाय पूरी तरह से इक्विटी बाजार से ही दूरी बना रहे हैं।
दूसरी ओर, Inox Wind रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी है। इस सेक्टर में विस्तार के लिए बड़े निवेश और कर्ज की जरूरत होती है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर ऐसी कंपनियों की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी पर पड़ता है, जिससे निवेशक इन शेयरों को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं।
आगे क्या उम्मीद करें?
टेक्निकल तौर पर, कई स्टॉक्स अपने लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जो व्यापक कमजोरी का संकेत है। आने वाले समय में निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि कंपनियां कैसे अपने कर्ज और प्रॉफिट मार्जिन को मैनेज करती हैं। बाजार में स्थिरता तभी लौटेगी जब ग्लोबल मैक्रो इंडिकेटर्स और इन्फ्लेशन के आंकड़ों में सुधार के संकेत दिखेंगे।
