Ikigai Asset Managers के फाउंडर पंकज टिबरेवाल ने बाजार को लेकर बड़ा अनुमान लगाया है। उनका मानना है कि आने वाले 3 सालों में मार्केट में डबल-डिजिट रिटर्न देखने को मिलेगा, जिसकी मुख्य वजह कंपनियों की मजबूत अर्निंग्स होंगी।
भारतीय कॉर्पोरेट जगत में अब बड़ा बदलाव आ रहा है। अब मार्केट की तेजी सिर्फ ऊंचे वैल्यूएशन (Valuation) पर नहीं, बल्कि कंपनियों के दम पर टिक रही है। Ikigai Asset Managers के फाउंडर और CIO पंकज टिबरेवाल का कहना है कि अगर कंपनियां अपनी प्रॉफिट ग्रोथ बरकरार रखती हैं, तो अगले 3 साल तक बाजार में डबल-डिजिट रिटर्न मिलने की पूरी उम्मीद है।
आंकड़ों से समझिए तेजी का आधार
हालिया डेटा पर गौर करें तो देश की टॉप 500 कंपनियों में से 165 कंपनियों का एनालिसिस ये बताता है कि रेवेन्यू ग्रोथ 22% के चार साल के हाई लेवल पर है। वहीं, नेट प्रॉफिट में 25% का उछाल आया है। यह इस बात का संकेत है कि अब कंपनियों के फंडामेंटल्स निवेशकों की उम्मीदों के साथ मैच कर रहे हैं, जो बीते दो सालों की तुलना में काफी ज्यादा स्टेबल है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों का जलवा
पंकज टिबरेवाल के मुताबिक, अब ग्रोथ का इंजन महानगरों से निकलकर टियर-2 और टियर-3 शहरों की ओर बढ़ रहा है। यही वजह है कि आने वाले समय में प्राइमरी मार्केट में करीब 80 नई कंपनियों के IPO आने की पाइपलाइन तैयार है, जिनमें से बड़ी संख्या छोटे शहरों की कंपनियों की है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था में विविधता (Diversification) का बड़ा सबूत है।
एक्टिव मैनेजमेंट की जरूरत
टिबरेवाल का मानना है कि ब्रॉड मार्केट इंडेक्स हमेशा इन उभरती हुई छोटी कंपनियों की वैल्यू को पूरी तरह से नहीं पकड़ पाते। इसलिए, पैसिव की जगह एक्टिव फंड मैनेजमेंट का सहारा लेना बेहतर है, जिससे आप इन छिपे हुए मौकों (Hidden Opportunities) को पहचान सकें।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि आउटलुक काफी पॉजिटिव है, लेकिन निवेशकों को सावधानी भी बरतनी चाहिए। बाजार की यह तेजी कंपनियों के कॉस्ट मैनेजमेंट पर निर्भर करेगी। अगर रेवेन्यू ग्रोथ धीमी होती है या इनपुट कॉस्ट बढ़ती है, तो मार्जिन पर दबाव आ सकता है। इसलिए हर तिमाही के अर्निंग्स नतीजों पर बारीक नजर रखना जरूरी है।
