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Nifty 50 पर ब्रोकरेज की बड़ी भविष्यवाणी: FY27 तक 27,500 के पार, 23% का ज़बरदस्त उछाल संभव!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nifty 50 पर ब्रोकरेज की बड़ी भविष्यवाणी: FY27 तक 27,500 के पार, 23% का ज़बरदस्त उछाल संभव!
Overview

यह साल भारतीय शेयर बाज़ार के लिए ज़बरदस्त रह सकता है! ब्रोकरेज फर्म्स का अनुमान है कि Nifty 50 अगले दो सालों में यानी FY27 तक **23%** की ज़बरदस्त तेज़ी के साथ **27,500** के लेवल को छू सकता है। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और हालिया गिरावट के चलते कुछ वोलैटिलिटी (Volatility) देखी जा रही है, लेकिन इंडेक्स एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के करीब पहुँच रहा है।

टारगेट और सपोर्ट लेवल

Mirae Asset Sharekhan के टेक्निकल एनालिस्ट (Technical Analyst) Muthuselvaraj M का मानना है कि Nifty 50 इंडेक्स फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के अंत तक 27,500 के स्तर पर पहुँच सकता है। यह लक्ष्य मौजूदा ट्रेडिंग लेवल से 23.15% के संभावित उछाल को दर्शाता है। एनालिस्ट ने इस उम्मीद के पीछे का कारण इंडेक्स का महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल को बनाए रखना बताया है।

बुलिश पैटर्न और सपोर्ट जोन

Muthuselvaraj ने बताया कि मार्च 2020 के कोविड-19 लो (COVID-19 lows) से Nifty 50 के लिए एक मजबूत बुलिश पैटर्न (Bullish Pattern) बन रहा है। मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा, टैरिफ वॉर्स (Tariff wars) और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के दबाव के बावजूद, चार्ट स्ट्रक्चर (Chart Structure) पॉजिटिव बना हुआ है। Nifty ने आखिरी बार 22,331 पर क्लोजिंग दी थी। एनालिस्ट को 22,500 के स्तर पर एक मजबूत सपोर्ट की उम्मीद है, और साप्ताहिक चार्ट पर 21,750 पर और भी सपोर्ट मिल सकता है।

FY26 में कैसा रहा प्रदर्शन?

Nifty ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की शुरुआत थोड़ी धीमी की थी, जिसमें 5.05% यानी 1,188 पॉइंट की गिरावट आई। इसका बड़ा कारण मार्च महीने में आई 11.3% की गिरावट थी। FY26 के दौरान, इंडेक्स 5 जनवरी 2026 को लाइफटाइम हाई 26,373 और 7 अप्रैल 2025 को 52-हफ्ते का लो 21,744 तक गया था।

वोलैटिलिटी का असर

हाल ही में अमेरिकी-ईरान युद्ध (US-Iran war) जैसी घटनाओं ने बाज़ार में काफी उथल-पुथल मचाई, जिसके चलते Nifty अपने रिकॉर्ड हाई से 15.3% तक फिसल गया। इस गिरावट ने इंडेक्स को महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज (Moving Averages) के नीचे धकेल दिया है। वर्तमान में, Nifty अपने 200-दिन मूविंग एवरेज (200-DMA) 25,369 से करीब 12% नीचे और 20-दिन मूविंग एवरेज (20-DMA) 23,673 से लगभग 5.7% नीचे ट्रेड कर रहा है। Angel One के एनालिस्ट्स का कहना है कि Nifty 22,000–21,700 के महत्वपूर्ण हायर टाइम फ्रेम सपोर्ट जोन (Higher time frame support zone) के करीब पहुँच रहा है। यह निचली रेंज 200-हफ्ते मूविंग एवरेज (200-week moving average) के साथ मेल खाती है, जो कोविड रैली के बाद पहली बार टेस्ट हो सकती है और इसे स्ट्रक्चरली महत्वपूर्ण बनाती है। Muthuselvaraj ने यह भी संकेत दिया कि साप्ताहिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Weekly RSI) ओवरसोल्ड टेरिटरी (Oversold territory) से बाहर निकल रहा है, जो एक नई बाइंग इंटरेस्ट (Buying Interest) का संकेत दे रहा है।

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स का आउटलुक

अगर ब्रॉडर इंडेक्स (Broader Indices) की बात करें, तो Nifty MidCap 150 (आखिरी क्लोज: 19,431) अपने पीक (22,500) से 15% की गिरावट के बाद कंसॉलिडेट (Consolidate) कर रहा है और हायर बॉटम पैटर्न (Higher bottom pattern) बना रहा है। यह इंडेक्स अपने 100-हफ्ते एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (100-week EMA) 20,210 को टेस्ट कर रहा है, जो 25,500 की ओर मध्यम से लंबी अवधि के रिवर्सल (Reversal) का संकेत दे सकता है, जिसमें डाउनसाइड रिस्क (Downside risk) सीमित है। मिडकैप इंडेक्स का साप्ताहिक RSI भी बॉटम आउट (Bottomed out) हो चुका है और ओवरसोल्ड कंडीशन (Oversold conditions) से बाहर निकल रहा है।

वहीं, Nifty SmallCap 100 (आखिरी क्लोज: 15,204) 19,700 के पीक पर पहुँचने के बाद लोअर टॉप (Lower top) बना रहा है और 20% से अधिक के करेक्शन (Correction) के बाद एक ट्रायंगल पैटर्न (Triangle pattern) में कंसॉलिडेट कर रहा है। Muthuselvaraj को FY27 में 14,500–20,100 की रेंज में ट्रेडिंग की उम्मीद है, जिसमें 20,100 की ओर लॉन्ग-टर्म बाइंग अपॉर्च्युनिटीज (Long-term buying opportunities) देखी जा सकती हैं। 14,570 पर इसका 200-दिन DMA एक महत्वपूर्ण सपोर्ट है।

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