ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के बाद आज भारतीय बाजार में तेजी की उम्मीद है। हालांकि, Nifty 50 के लिए **24,000** के रेजिस्टेंस लेवल को पार करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और जियो-पॉलिटिकल तनाव निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
बाजार की चाल और ग्लोबल संकेत
शुक्रवार को Nifty 50 एक सकारात्मक शुरुआत के लिए तैयार है। पिछले 4 दिनों की गिरावट के बाद इंडेक्स 23,873 पर बंद हुआ था, जिससे रिकवरी की उम्मीदें जगी हैं। GIFT Nifty के संकेत भी यही बता रहे हैं कि अमेरिकी बाजारों की तेजी का असर आज भारतीय शेयरों पर देखने को मिलेगा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के बयानों ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों को थोड़ी राहत दी है, जिससे Dow Jones, S&P 500 और Nasdaq में बढ़त देखी गई।
टेक्निकल लेवल्स: रेजिस्टेंस और सपोर्ट
फिलहाल, 24,000 का स्तर एक मजबूत मनोवैज्ञानिक दीवार बन गया है। जानकारों के मुताबिक, 24,000 से 24,050 के दायरे में इंडेक्स को तगड़ा रेजिस्टेंस मिल सकता है। अगर इंडेक्स को रिकवरी बरकरार रखनी है, तो इसे इस जोन के ऊपर टिकना होगा। वहीं दूसरी तरफ, 23,800 का लेवल सपोर्ट का काम करेगा। यदि इंडेक्स इसमें विफल रहता है, तो यह फिसलकर 23,600 के स्तर तक जा सकता है।
कच्चे तेल का दबाव
तकनीकी लेवल्स के साथ-साथ ग्लोबल माहौल भी काफी नाजुक है। Brent Crude की कीमतें $96 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट मार्जिन के लिए चिंता का विषय है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी सप्लाई में अनिश्चितता पैदा कर रहा है।
मार्केट ट्रेडिंग अपडेट
बता दें कि आज कृष्णा जन्माष्टमी का त्योहार होने के बावजूद, NSE और BSE में ट्रेडिंग सामान्य रूप से जारी रहेगी। निवेशकों के लिए आज सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि क्या इंडेक्स 23,800 के सपोर्ट को होल्ड कर पाता है या नहीं।
