हॉलिडे के बाद आज Nifty 50 में ट्रेडिंग फिर से शुरू हो रही है। लगातार पांच हफ्ते की गिरावट के बाद मार्केट रिकवरी की कोशिश में है, जहां 23,600 का लेवल एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार गणेश चतुर्थी की छुट्टी के बाद आज यानी 15 सितंबर, 2026 को फिर से खुल रहा है। बाजार के लिए पिछला दौर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है, जिसमें Nifty 50 ने लगातार 5 हफ्तों तक गिरावट का सामना किया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या मार्केट इस दबाव से निकलकर संभल पाएगा।
टेक्निकल लेवल्स पर नजर
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 23,600 का लेवल फिलहाल एक बड़ी रेजिस्टेंस (हर्डल) बना हुआ है। यह वह पॉइंट है जहां बिकवाली का दबाव ज्यादा रहता है। यदि Nifty 50 इस स्तर को पार करके ऊपर टिक जाता है, तो सेंटीमेंट में बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं, नीचे की तरफ 23,200 से 23,300 का जोन सपोर्ट के तौर पर काम करेगा, जहां से पिछली बार खरीदारी देखी गई थी।
ग्लोबल मार्केट का मूड
बाजार की सुस्ती सिर्फ घरेलू कारणों से नहीं है। निवेशक आज और कल होने वाली US Federal Reserve की पॉलिसी मीटिंग पर नजर गड़ाए हुए हैं। अमेरिकी ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड में बदलाव सीधे तौर पर भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स में विदेशी निवेश को प्रभावित करता है। इसके अलावा, क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें भी कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बना रही हैं, जिस पर निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
Bank Nifty का हाल
बैंकिंग सेक्टर का इंडेक्स, Bank Nifty, भी फिलहाल संघर्ष कर रहा है। यह 57,000 के रेजिस्टेंस लेवल को टेस्ट कर रहा है। जानकारों का कहना है कि अगर इंडेक्स को एक मजबूत रिकवरी दिखानी है, तो उसे 56,000 से 56,200 की रेंज में सपोर्ट बनाए रखना होगा। कुल मिलाकर, निवेशकों के लिए अभी भी मार्केट में सावधानी बरतने और ग्लोबल संकेतों पर गौर करने का समय है।
