Nifty 50 इंडेक्स **23,053** के स्तर पर बंद हुआ है और अब निवेशकों की निगाहें **23,150** के रेजिस्टेंस लेवल को पार करने पर टिकी हैं। फिलहाल बाजार कंसोलिडेशन के दौर में है, जहाँ कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और ग्लोबल टेंशन दबाव बना रहे हैं।
भारतीय शेयर बाजार में इस समय असमंजस की स्थिति बनी हुई है। Nifty 50 इंडेक्स 23,053.10 के स्तर पर बंद हुआ है। बाजार में चल रहे Q2 रिजल्ट्स और ग्लोबल आर्थिक चुनौतियों के बीच इंडेक्स एक सीमित दायरे (range-bound) में कारोबार कर रहा है।
टेक्निकल लेवल पर रखें नजर
Nifty 50 के लिए ऊपर की तरफ 23,150 से 23,175 का लेवल एक बड़ी चुनौती (hurdle) बना हुआ है। अगर इंडेक्स इसके ऊपर टिकता है, तो 23,300 के लक्ष्य देखने को मिल सकते हैं। वहीं नीचे की तरफ 22,800 और 22,500 पर मजबूत सपोर्ट है। अगर इंडेक्स 22,200 के नीचे फिसलता है, तो यह बड़ी गिरावट का संकेत हो सकता है। Bank Nifty में भी 56,500 से 57,000 का दायरा महत्वपूर्ण है।
अर्निंग्स और ग्लोबल दबाव
IT और फार्मा सेक्टर ने बाजार को थोड़ा सहारा दिया है, लेकिन कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें चिंता बढ़ा रही हैं, जो सीधे तौर पर महंगाई और कंपनियों के मार्जिन को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी ग्लोबल रिस्क को बढ़ा रही है। साथ ही, आगामी अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों के चलते विदेशी निवेशक (FIIs) सतर्क रुख अपनाए हुए हैं, जिसका असर भारतीय बाजारों के फंड फ्लो पर पड़ रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
अगले कुछ सत्रों में बाजार का रुख तय करेगा कि इंडेक्स अपने टेक्निकल सपोर्ट को बचाता है या रेजिस्टेंस को तोड़ता है। Q2 नतीजों के साथ कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर रखें, क्योंकि यही सेक्टर की चाल तय करेगी। कच्चे तेल की सप्लाई और जियो-पॉलिटिकल खबरों पर भी नजर बनाए रखें, क्योंकि ये सेंटीमेंट को तुरंत बदलने की ताकत रखते हैं।
