भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स Nifty 50 और Bank Nifty लगातार 11 दिनों से एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। मार्केट में किसी भी तरफ स्पष्ट रुख न होने के कारण निवेशकों को अब अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल जबरदस्त अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। Nifty 50 लगातार 11 ट्रेडिंग सत्रों से एक ही रेंज में घूम रहा है, जो यह दर्शाता है कि मार्केट में न तो खरीदार पूरी तरह हावी हैं और न ही बिकवाल। इंडेक्स 630 पॉइंट्स के दायरे में फंसा हुआ है, जिसे मार्केट की भाषा में 'साइडवेज' मूव कहा जाता है।
चार्ट्स पर क्या संकेत हैं?
तकनीकी चार्ट्स के अनुसार, इंडेक्स अपने एवरेज प्राइस ट्रेंड के नीचे बना हुआ है, जो निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। जब बाजार इतने लंबे समय तक एक दायरे में रहता है, तो इसका मतलब है कि मार्केट को किसी बड़े ट्रिगर या ठोस समाचार की तलाश है जो इसे किसी भी एक दिशा में मोड़ने में मदद करे।
Bank Nifty की चाल
वहीं, Bank Nifty इंडेक्स में थोड़ा अलग रुझान दिख रहा है। यह ब्रॉड मार्केट की तुलना में अधिक लचीला (Resilient) बना हुआ है। फिलहाल इंडेक्स के सामने 56,000 से 56,100 के स्तर पर एक बड़ी बाधा है। यदि यह इस रेंज को पार करता है, तो खरीदारी लौट सकती है। हालांकि, अगर इंडेक्स 54,700 के स्तर से नीचे फिसलता है, तो ट्रेडर्स का भरोसा डगमगा सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार की हालिया रिकवरी इतनी मजबूत नहीं रही है कि इसे एक सस्टेनेबल अपट्रेंड माना जाए। विशेषज्ञ इसे महज एक 'टेंपरेरी रिलीफ' मान रहे हैं। लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए सलाह यही है कि वे इंडेक्स की उठापटक पर समय बर्बाद करने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल्स पर ध्यान दें। अगले कुछ सत्र मार्केट की दिशा तय करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे, इसलिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स पर नजर बनाए रखें।
