Nifty और Bank Nifty की बड़ी परीक्षा: **8** हफ्तों की गिरावट से सहमे निवेशक, अब आगे क्या?

STOCK-INVESTMENT-IDEAS
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nifty और Bank Nifty की बड़ी परीक्षा: **8** हफ्तों की गिरावट से सहमे निवेशक, अब आगे क्या?

भारतीय शेयर बाजार इतिहास की सबसे लंबी गिरावट के दौर से गुजर रहा है। Nifty 50 ने अपने **200**-week मूविंग एवरेज के अहम सपोर्ट को तोड़ दिया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। अब बाजार की नजरें RBI की आगामी पॉलिसी मीटिंग पर टिकी हैं।

भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता बेहद अहम होने वाला है। Nifty 50 में लगातार 8 हफ्तों की गिरावट देखी गई है, जो पिछले 25 सालों में सबसे लंबा कमजोरी का सिलसिला है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इंडेक्स ने 22,600 के पास मौजूद अपने 200-week मूविंग एवरेज को तोड़ दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि साल 2020 के कोविड क्रैश के बाद यह स्तर पहली बार टूटा है, जो मार्केट के स्ट्रक्चर को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

अहम सपोर्ट लेवल्स पर नजर

ट्रेडर्स के लिए अब Nifty 50 में 22,200 और 22,000 के जोन बेहद क्रिटिकल हैं। अगर इंडेक्स इन लेवल्स को होल्ड नहीं कर पाता है, तो तकनीकी जानकारों के मुताबिक यह गिरावट 20,500 के स्तर तक जा सकती है। वहीं, Bank Nifty के लिए 53,800 का सपोर्ट लेवल सबसे महत्वपूर्ण है। यदि बैंकिंग इंडेक्स इसके नीचे फिसलता है, तो यह 51,000 के स्तर की ओर बढ़ सकता है।

बाजार पर दबाव क्यों?

बाजार में मौजूदा गिरावट के पीछे कई कारण हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) का $100 प्रति बैरल से ऊपर बना रहना और US ट्रेजरी यील्ड में उछाल आने से FII (विदेशी संस्थागत निवेशक) लगातार बिकवाली कर रहे हैं।

अब सबकी निगाहें RBI पर

अब बाजार को राहत की उम्मीद 5-7 अक्टूबर को होने वाली RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग से है। ब्याज दरों और महंगाई को लेकर केंद्रीय बैंक का रुख बाजार की अगली दिशा तय करेगा। हालांकि, RSI जैसे इंडिकेटर्स ओवरसोल्ड (Oversold) जोन में हैं, जो कभी-कभी टेक्निकल बाउंस का संकेत भी देते हैं, लेकिन फिलहाल मार्केट का मूड काफी बेरिश बना हुआ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.