Nifty, Bank Nifty में कंसोलिडेशन का दौर: F&O एक्सपायरी से पहले बाज़ार की चाल पर सबकी नज़र

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nifty, Bank Nifty में कंसोलिडेशन का दौर: F&O एक्सपायरी से पहले बाज़ार की चाल पर सबकी नज़र

जैसे-जैसे महीने की फ्यूचर्स एंड ऑप्शन्स (F&O) एक्सपायरी नज़दीक आ रही है, Nifty 50 और Bank Nifty में एक सीमित दायरे में कारोबार की उम्मीद है। निवेशक भू-राजनीतिक घटनाओं और कच्चे तेल की कीमतों पर नज़र बनाए हुए हैं। Nifty के लिए **24,000** के ऊपर की क्लोजिंग आगे की चाल के लिए अहम होगी।

Detailed Coverage

Nifty 50: 24,000 के पार बढ़ेगी रफ़्तार?

भारतीय शेयर बाज़ार, ट्रेडर्स के मासिक फ्यूचर्स एंड ऑप्शन्स (F&O) एक्सपायरी की तैयारी में कंसोलिडेशन के दौर में प्रवेश कर रहा है। पिछले कारोबारी दिन Nifty 50 ने 228 अंकों की बढ़त के साथ 23,996 पर क्लोजिंग दी थी। अब बाज़ार की नज़र इस बात पर है कि क्या यह मोमेंटम बना रहेगा। पिछले सत्र में मार्केट ब्रेड्थ पॉजिटिव थी, जिसमें 2,000 से ज़्यादा स्टॉक्स में तेज़ी देखी गई।

बाजार के जानकारों का कहना है कि Nifty 50 के लिए 24,000 का साइकोलॉजिकल लेवल बहुत अहम है। इस लेवल के ऊपर एक मजबूत और लगातार क्लोजिंग इंडेक्स को 24,200–24,300 की ओर ले जा सकती है। नीचे की तरफ, इंडेक्स के लिए 23,800 के करीब इमीडिएट सपोर्ट बना हुआ है। हालिया डेटा एनालिसिस से पता चलता है कि निचले स्तरों पर पुट राइटिंग और 1.15 से ऊपर पुट-कॉल रेश्यो का बेहतर होना 23,500 के ज़ोन के आसपास बेस बनने का संकेत देता है। इंडिया VIX 15 के नीचे बना हुआ है, जो कुछ स्थिरता दे रहा है, लेकिन निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशियाई भू-राजनीतिक विकास पर नज़र रख रहे हैं, क्योंकि ये बाहरी कारक शॉर्ट-टर्म बाज़ार सेंटिमेंट को प्रभावित कर सकते हैं।

Bank Nifty और सेक्टर का हाल

Bank Nifty ने 57,000 के स्तर के ऊपर वापसी करके मजबूती दिखाई है, भले ही यह ब्रॉडर मार्केट की तुलना में कुछ समय से पीछे चल रहा था। हालिया पिछड़ापन प्राइवेट बैंकों के मिले-जुले तिमाही नतीजों (Quarterly Earnings) और जारी भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण माना जा रहा है। इंडेक्स वर्तमान में 58,500 और 59,000 के बीच एक टेक्निकल रेजिस्टेंस ज़ोन का सामना कर रहा है। एनालिस्ट्स का सुझाव है कि 56,000 का लेवल एक महत्वपूर्ण शॉर्ट-टर्म सपोर्ट एरिया के रूप में काम करता है। निवेशकों के लिए, यह देखना अहम होगा कि क्या इंडेक्स अपने 20-दिन मूविंग एवरेज को निर्णायक रूप से पार कर पाता है, जो वर्तमान में एक नज़दीकी बाधा के रूप में कार्य कर रहा है। यदि इंडेक्स ऊपरी रेजिस्टेंस को तोड़ने में विफल रहता है, तो यह 56,000 से 59,000 की स्थापित रेंज में कारोबार कर सकता है।

एक्सपायरी नज़दीक आने के साथ, बाज़ार सहभागियों का फोकस टेक्निकल सपोर्ट लेवल और आने वाले मैक्रो अपडेट्स के बीच के तालमेल पर रहेगा। मौजूदा माहौल को देखते हुए, निवेशक इस बात पर नज़र रख सकते हैं कि क्या इंडेक्स अपने सपोर्ट ज़ोन को बनाए रख पाते हैं या फिर बाहरी वैश्विक दबावों के कारण सेटलमेंट की तारीख तक बढ़ती हुई वोलैटिलिटी देखने को मिलती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.