26 अगस्त, 2026 को Nifty 50 इंडेक्स **24,350-24,400** के अहम रेजिस्टेंस लेवल के पास कारोबार कर रहा है। विदेशी निवेशकों की खरीदारी और क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी का सपोर्ट जरूर है, लेकिन मार्केट में सतर्कता बनी हुई है।
24,400 पर तकनीकी बाधा
Nifty 50 बुधवार, 26 अगस्त, 2026 को एक बेहद अहम तकनीकी पड़ाव पर है। पिछले सत्र में 24,334.55 पर बंद होने के बाद, अब इंडेक्स 24,400 के रेजिस्टेंस को पार करने की जद्दोजहद कर रहा है। निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मार्केट इस बाधा को तोड़कर आगे बढ़ेगा या यहां से फिर मुनाफावसूली का दौर शुरू होगा।
बाजार को कहां से मिल रहा सहारा?
बाजार के सेंटीमेंट को संभालने में दो बड़े कारक काम कर रहे हैं:
- क्रूड ऑयल: ब्रेंट क्रूड की कीमतें घटकर $85-$86 प्रति बैरल के करीब आ गई हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात है।
- FPI बाइंग: विदेशी निवेशकों (FPIs) ने 25 अगस्त तक लगातार दो दिनों तक नेट खरीदारी की है, जिसने इंडेक्स के लिए एक बेस तैयार करने में मदद की है।
चार्ट्स क्या कह रहे हैं?
पिछले सत्र में डेली चार्ट पर 'बुलिश इंगल्फिंग पैटर्न' (Bullish Engulfing Pattern) बना था, जो आमतौर पर खरीदारी लौटने का संकेत माना जाता है। अगर Nifty 24,400 के स्तर को मजबूती से पार करता है, तो अगला टारगेट 24,500 और 24,600 हो सकता है। वहीं, अगर यह रेजिस्टेंस साबित होता है, तो इंडेक्स 24,200-24,240 के सपोर्ट की तरफ फिसल सकता है।
सतर्क रहने की जरूरत क्यों है?
फिलहाल मार्केट की चाल 'मिक्स्ड' है। इंडेक्स में तेजी तो है, लेकिन इसका फायदा हर स्टॉक को नहीं मिल रहा है। जब केवल कुछ बड़े स्टॉक्स ही मार्केट को ऊपर ले जाते हैं, तो गिरावट का जोखिम बना रहता है। निवेशकों को सलाह है कि वे ग्लोबल संकेतों और डेरिवेटिव्स सेगमेंट में बढ़ती वोलैटिलिटी (Volatility) पर पैनी नजर रखें, क्योंकि इंडेक्स के अहम स्तरों पर झटके देखने को मिल सकते हैं।
