22 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। Nifty 50 इंडेक्स **0.8%** की कमजोरी के साथ **23,990** के स्तर पर बंद हुआ। रियलटी और PSU बैंक जैसे सेक्टर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।
Detailed Coverage
बाजार में चौतरफा बिकवाली, Nifty 50 की बड़ी गिरावट
22 जुलाई 2026 को बाजार की शुरुआत कमजोर रही। Nifty 50 इंडेक्स 24,150 पर खुला और कारोबार के दौरान 0.8% गिरकर 23,990 तक पहुंच गया। पिछले कारोबारी दिन यह 24,188 पर बंद हुआ था। बाजार में निवेशकों का सेंटिमेंट सतर्क नजर आया, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 5 शेयरों में तेजी और 45 शेयरों में मंदी की ओर इशारा कर रहा है। इसका मतलब है कि इंडेक्स के ज्यादातर शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
सेक्टर्स में मंदी और दिग्गज शेयरों का हाल
सेक्टोरल इंडेक्स भी Nifty 50 की चाल पर ही चलते दिखे। Nifty Realty इंडेक्स में सबसे ज्यादा 2.2% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, Nifty PSU Bank और Nifty Pharma में भी 1.6% की कमजोरी आई। हालांकि, Nifty Auto इंडेक्स में 0.15% की मामूली बढ़त दर्ज हुई।
इस गिरावट में कुछ बड़े शेयरों का भी योगदान रहा। InterGlobe Aviation के शेयर 3.5% टूट गए, जबकि Cipla 1.9% नीचे आया। दूसरी ओर, Bajaj-Auto 3% और Nestle India 1.5% की बढ़त के साथ बाजार के रुझान के विपरीत प्रदर्शन करने में कामयाब रहे।
Nifty फ्यूचर्स और महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल
Nifty फ्यूचर्स (जुलाई एक्सपायरी) में भी यही ट्रेंड देखने को मिला। यह 24,126 पर खुला, जबकि पिछले दिन यह 24,181 पर बंद हुआ था। फिलहाल यह 0.8% की गिरावट के साथ 24,000 के करीब ट्रेड कर रहा है।
विश्लेषकों की नजर 23,900 से 24,000 के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल पर बनी हुई है। यह रेंज पहले भी इंडेक्स के लिए एक मजबूत आधार का काम कर चुकी है। यदि Nifty 23,900 के ऊपर बना रहता है, तो इसमें 24,150 या 24,300 तक की वापसी संभव है।
हालांकि, भविष्य को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। 23,900 के सपोर्ट लेवल के टूटने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है, जिससे इंडेक्स 23,600 और 23,250 के अगले सपोर्ट लेवल की ओर जा सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या इंडेक्स इन सपोर्ट जोन को बनाए रख पाता है या बिकवाली का दबाव जारी रहता है। बाजार विशेषज्ञों की नजरें बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टरों में स्थिरता पर रहेंगी, क्योंकि हाल की गिरावट का नेतृत्व इन्हीं सेक्टर्स ने किया था।
