3 सितंबर 2026 को बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई है। जहां PSU बैंक सूचकांक को सहारा दे रहे हैं, वहीं IT सेक्टर की कमजोरी से ऊपरी स्तरों पर दबाव बना हुआ है। निवेशक क्रूड ऑयल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
बाजार की चाल और सेक्टर का हाल
Nifty 50 और Sensex ने 23,998 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की। पिछले 3 दिनों की गिरावट के बाद बाजार में थोड़ी राहत जरूर दिखी है, लेकिन निवेशकों का रुख अभी भी सतर्क है। बाजार की चाल में एक स्पष्ट अंतर दिख रहा है, जहां PSU बैंक इंडेक्स 1% से ज्यादा की बढ़त के साथ मार्केट को थामे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर दिग्गज IT कंपनियों का बुरा हाल है।
IT सेक्टर का दबाव
IT शेयरों में बिकवाली के कारण रैली पर लगाम लगी है। Tech Mahindra, HCL Technologies, Infosys और Tata Consultancy Services जैसे बड़े स्टॉक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। चूंकि Nifty 50 में इन कंपनियों का वेटेज काफी अधिक है, इसलिए इनका गिरना इंडेक्स के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
वैश्विक चिंताएं और रिस्क
मार्केट का मूड बाहरी कारकों से तय हो रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $95 से $96 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। यह महंगाई के लिए खतरा है, जिससे करंट अकाउंट डेफिसिट और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड्स में तेजी भी इक्विटी मार्केट के लिए चिंता का विषय है।
टेक्निकल लेवल्स पर नजर
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, Nifty 50 के लिए 24,150 से 24,200 का जोन रेजिस्टेंस बना हुआ है। जब तक इंडेक्स इस दायरे के ऊपर टिकता नहीं, तब तक मजबूती की उम्मीद कम है। वहीं, नीचे की तरफ 23,800 का लेवल काफी अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर को तोड़ता है, तो बाजार में बिकवाली और तेज हो सकती है।
