क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी के दम पर Nifty 50 ने शानदार शुरुआत करते हुए **24,334.55** पर क्लोजिंग दी है। अब सभी की निगाहें **24,500** के रेजिस्टेंस लेवल पर टिकी हैं।
भारतीय शेयर बाजार सितंबर सीरीज में पॉजिटिव नोट के साथ प्रवेश कर चुका है। 25 अगस्त को Nifty 50 0.48% की मजबूती के साथ 24,334.55 पर बंद हुआ। इसके साथ ही BSE Sensex भी 0.37% चढ़कर 77,656.09 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार की इस रिकवरी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई गिरावट है, जो अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के चलते देखने को मिली।
Nifty 50 के लिए चार्ट सेटअप
टेक्निकल तौर पर देखें तो इंडेक्स के सामने फिलहाल 24,480 से 24,500 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में खड़ा है। अगर बाजार इस लेवल को पार कर स्थिरता दिखाता है, तो अगला लक्ष्य 24,650 तक हो सकता है। वहीं, गिरावट की स्थिति में 24,100 से 24,200 का जोन एक मजबूत सपोर्ट का काम करेगा।
Bank Nifty में सुस्ती
जहां Nifty 50 में जोश दिख रहा है, वहीं Bank Nifty फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर में है। इंडेक्स 57,900 से 58,000 के रेजिस्टेंस और 57,000 से 57,100 के सपोर्ट के बीच फंसा हुआ है। अगर इंडेक्स इस दायरे के नीचे फिसलता है, तो बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
ग्लोबल संकेत और रिस्क
मार्केट का मूड पूरी तरह से ग्लोबल फैक्टर्स और जियोपॉलिटिकल हालातों पर निर्भर है। निवेशकों को ओमान की खाड़ी (Strait of Hormuz) के घटनाक्रमों पर नजर रखनी होगी। कच्चे तेल की कीमतें भारतीय कंपनियों के इनपुट कॉस्ट और प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा असर डालती हैं, इसलिए आने वाले दिनों में ग्लोबल मार्केट के संकेत ही दिशा तय करेंगे।
