Nifty 50 Futures में लगातार छठे दिन गिरावट, 24,100 के नीचे फिसला

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nifty 50 Futures में लगातार छठे दिन गिरावट, 24,100 के नीचे फिसला

Nifty 50 Futures में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। 19 अगस्त 2026 को यह लगातार छठे कारोबारी सत्र में लुढ़क गया, क्योंकि तकनीकी कमजोरी और वैश्विक दबाव ने निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया। यह इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से नीचे कारोबार कर रहा है, और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों तथा भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बाजार की निगाहें 24,000 के स्तर पर टिकी हैं।

वैश्विक संकेतों का असर

भारतीय शेयर बाजार में नरमी के पीछे वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत प्रमुख वजह हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल, जो हाल ही में $91 प्रति बैरल के पार चला गया है, महंगाई और आर्थिक विकास को लेकर चिंताएं बढ़ा रहा है। इसके अलावा, अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर चल रही भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने भी बाजार में सतर्कता बढ़ा दी है। ये कारक अक्सर अस्थिरता को बढ़ाते हैं और निवेशकों को जोखिम भरी संपत्तियों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

तकनीकी स्थिति और सपोर्ट लेवल

तकनीकी लिहाज से, Nifty 50 Futures वर्तमान में अपने 50-दिन और 100-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से नीचे कारोबार कर रहे हैं। ये मूविंग एवरेज अक्सर लंबी अवधि के रुझान का संकेत देते हैं, और इनसे नीचे ट्रेड करना कमजोर मोमेंटम का संकेत माना जाता है।

बाजार विश्लेषक 24,000 से 24,040 के जोन पर कड़ी नजर रख रहे हैं। इस स्तर को एक महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि इंडेक्स इस रेंज को बनाए रखने में विफल रहता है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि गिरावट का रुझान और बढ़ सकता है। ऊपरी स्तर पर, 24,280 से 24,300 के बीच तत्काल रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) देखा जा रहा है। बाजार में स्थिरता लौटने के लिए, इसे इन रेजिस्टेंस स्तरों को पार करना होगा, जो फिलहाल रिकवरी के रास्ते में बाधाएं बने हुए हैं।

निवेशकों की नजर

बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या इंडेक्स 24,000 के स्तर के करीब एक बेस बना पाता है या नहीं। निवेशकों और बाजार पर्यवेक्षकों द्वारा इस सपोर्ट जोन की स्थिरता पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि इसमें बड़ी गिरावट आगे और करेक्शन ला सकती है। इसके अतिरिक्त, कच्चे तेल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव या भू-राजनीतिक तनावों से जुड़ी कोई नई खबर महत्वपूर्ण कारक बनी रहेगी, क्योंकि ये बाजार की दिशा को प्रभावित करते रहेंगे।

कुल मिलाकर, बाजार का माहौल रक्षात्मक बना हुआ है, और निवेशक इंडेक्स में स्पष्ट मांग लौटने के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। अगले महत्वपूर्ण अपडेट संभवतः इस बात पर निर्भर करेंगे कि इंडेक्स इन महत्वपूर्ण सपोर्ट क्षेत्रों में कैसा प्रदर्शन करता है और वैश्विक मैक्रो कारक कब तक दबाव बनाए रखते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.