2 सितंबर, 2026 को शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। US-Iran के बीच बढ़ते तनाव और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के कारण Nifty 50 में बड़ी गिरावट आई है। अब निवेशकों की नजर **23,800** के सपोर्ट लेवल पर टिकी है।
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। Nifty 50 इंडेक्स पिछले बंद 24,056 के स्तर से काफी नीचे 23,858 पर खुला। बाजार में यह बिकवाली चौतरफा है, जिसके चलते सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।\n\n### गिरावट की मुख्य वजह\n\nइस उथल-पुथल के पीछे सबसे बड़ा कारण US और Iran के बीच बढ़ रहा संघर्ष है, जिसने ग्लोबल एनर्जी मार्केट को हिला कर रख दिया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतें उछलकर $97 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। भारत जैसे देश के लिए, कच्चा तेल महंगा होने का मतलब है कि इम्पोर्टेड महंगाई बढ़ेगी और करेंसी पर दबाव पड़ेगा, जिससे निवेशक डरे हुए हैं।\n\nइसके अलावा, US ट्रेजरी यील्ड (US Treasury Yield) का बढ़ना भी बाजार के लिए बड़ी चिंता का विषय है। 10-year US Treasury Yield बढ़कर 4.81% के स्तर पर पहुंच गई है। जब US बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक उभरते बाजारों (Emerging Markets) से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी एसेट्स में निवेश करने लगते हैं।\n\n### मार्केट का नया सपोर्ट लेवल\n\nएक्सपर्ट्स पहले 23,900 से 24,000 के जोन को क्रिटिकल सपोर्ट मान रहे थे, लेकिन इंडेक्स इस लेवल को संभाल नहीं पाया। अब बाजार की नजर 23,700 से 23,800 के बैंड पर है। अगर Nifty इस दायरे को भी नहीं बचा पाता है, तो शॉर्ट टर्म में और गिरावट की आशंका बनी रहेगी।\n\nफिलहाल आईटी (IT), ऑटो (Auto) और रियल्टी (Realty) जैसे मजबूत सेक्टर भी भारी बिकवाली की चपेट में हैं, जो यह बताता है कि निवेशक अभी किसी भी तरह का रिस्क लेने से बच रहे हैं।
