29 जुलाई 2026 को Nestle India के शेयर ने 52-हफ्ते का नया रिकॉर्ड बनाया। बाज़ार में जहां कुछ सेक्टर की कंपनियों में खरीदारी दिखी, वहीं कुछ में बिकवाली का दबाव भी रहा। निवेशक इन टेक्निकल ट्रेंड्स पर नज़र रखे हुए हैं।
Nestle India में आई तूफानी तेजी!
29 जुलाई 2026 को Nestle India के शेयर ने 52-हफ्ते की नई ऊंचाई को छुआ। कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में निवेशकों की लगातार दिलचस्पी इस तेजी की मुख्य वजह है। यह ट्रेंड बड़ी और स्थापित कंपनियों में खरीदारी का संकेत देता है। Nestle के अलावा Titan Company, Bajaj Auto और United Spirits जैसी बड़ी कंपनियों ने भी 52-हफ्ते का नया हाई बनाया, जो दिखाता है कि निवेशक फिलहाल मजबूत मार्केट प्रेजेंस वाली कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं।
कुछ के 'High', तो कुछ के 'Low'
जहां कुछ शेयर नई ऊंचाइयों पर पहुंचे, वहीं कुछ को बिकवाली का सामना करना पड़ा। Phoenix Mills के शेयर 5.14% गिरकर ₹1,906.30 पर आ गए, और ये अपने 30-दिन और 50-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) से नीचे कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, कंपनी अभी भी अपने 150-दिन और 200-दिन के एवरेज से ऊपर है, जो बताता है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबी अवधि का ट्रेंड मजबूत रह सकता है। इसी तरह, Mangalam Organics और Viceroy Hotels के शेयरों में भी गिरावट देखी गई।
छोटे शेयरों में भी दम
इसके विपरीत, कुछ छोटी और मिड-कैप कंपनियों में भी दमदार तेजी देखने को मिली। Almondz Global Securities के शेयर 15.04% बढ़कर ₹15.07 पर बंद हुए, और Expleo Solutions 9.88% उछलकर ₹893.70 पर पहुंच गए। Expleo Solutions सभी प्रमुख टेक्निकल मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जिसे कुछ बाज़ार जानकारों की नजर में लंबी अवधि की मजबूती का संकेत माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
इन उतार-चढ़ावों से निवेशकों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि छोटी अवधि की गिरावट और लंबी अवधि के ट्रेंड में क्या अंतर है। जो शेयर 30-दिन या 50-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे जाते हैं, उनमें ट्रेडर्स की बिकवाली का दबाव हो सकता है। लेकिन, 150-दिन या 200-दिन के लेवल को बनाए रखना उनकी फंडामेंटल मजबूती का संकेत दे सकता है। वहीं, Nestle और Bajaj Auto जैसे शेयर जो 52-हफ्ते की नई ऊंचाई पर पहुंचे हैं, उन पर बाज़ार की नज़र रहेगी कि वे सेक्टर-व्यापी दबाव के बीच अपनी तेजी कैसे बनाए रखते हैं।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए अगली बड़ी खबर इन कंपनियों के तिमाही नतीजों (Quarterly Results) और मैनेजमेंट कमेंट्री से आएगी, जिससे प्रॉफिट मार्जिन और डिमांड ग्रोथ पर और क्लैरिटी मिलेगी। साथ ही, यह भी देखना होगा कि कंज्यूमर और ऑटो शेयरों में यह तेजी जारी रहती है या आने वाले हफ्तों में महंगाई की चिंताएं सेक्टर पर असर डालती हैं।
