मार्केट के उतार-चढ़ाव से निपटने की रणनीति
शैलेश के पाठक का मानना है कि निवेशकों को एक सोची-समझी रणनीति अपनानी चाहिए। इसमें दूरदर्शिता और अनुशासित पोर्टफोलियो मैनेजमेंट शामिल है, जो संभावित आर्थिक गिरावट से बचा सकता है। उन्होंने बताया कि टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स की मदद से फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स तक पहुंच काफी आसान हो गई है, जिससे ज्यादा लोग बेहतर फैसले ले पा रहे हैं। पाठक ने NSE के स्क्रीन-बेस्ड ट्रेडिंग सिस्टम का जिक्र करते हुए कहा कि यह 1996 में शुरू होने के बाद से अब तक काफी विकसित हुआ है और सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर प्रदान करता है।
भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती
इस बीच, प्रधानमंत्री की इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल की सदस्य शामिका रवि ने निवेशकों को आश्वस्त किया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की आर्थिक परफॉरमेंस मजबूत और स्थिर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि महंगाई RBI के निर्धारित लक्ष्यों के भीतर है और इसे प्रभावी ढंग से संभाला जा रहा है। पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन जैसे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन ये घरेलू आर्थिक प्रगति को धीमा नहीं करेंगे।