NPS Funds का जलवा! इक्विटी में **74%** से ज्यादा की बंपर कमाई, बॉन्ड में भी दमदार रिटर्न

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AuthorNeha Patil|Published at:
NPS Funds का जलवा! इक्विटी में **74%** से ज्यादा की बंपर कमाई, बॉन्ड में भी दमदार रिटर्न
Overview

National Pension System (NPS) के इक्विटी फंड्स ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। पिछले एक साल में कुछ फंड्स ने **74.67%** तक का ज़बरदस्त रिटर्न दिया है। वहीं, कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड्स ने **45.59%** और सरकारी बॉन्ड फंड्स ने **41.15%** तक का मुनाफा कमाया है। यह परफॉर्मेंस NPS के फंड मैनेजर्स और स्कीम्स के टॉप परफॉर्मेंस को दर्शाता है।

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इक्विटी फंड्स ने हासिल की ज़बरदस्त एक साल की कमाई

NPS के इक्विटी फंड्स ने पिछले एक साल में शानदार प्रदर्शन किया है। 21 अप्रैल, 2026 तक कुछ स्कीम्स ने 74.67% तक का रिटर्न हासिल किया है। ICICI Prudential और HDFC Pension जैसे प्रमुख फंड मैनेजर्स ने बाज़ार के मौकों का फायदा उठाते हुए यह असाधारण नतीजे पेश किए हैं। यह रिटर्न Nifty 50 के लगभग 0.99% और BSE Sensex के 1.09% के मुकाबले कहीं ज़्यादा है। NPS की नई व्यवस्था, जो 100% इक्विटी आवंटन की इजाजत देती है, ने फंड मैनेजर्स को यह शानदार रिटर्न हासिल करने में मदद की है।

बॉन्ड फंड्स में भी दिखी दमदार परफॉरमेंस

सिर्फ इक्विटी ही नहीं, NPS के बॉन्ड फंड्स ने भी निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड्स ने एक साल की अवधि में 45.59% तक का रिटर्न दिया, जबकि सरकारी बॉन्ड फंड्स से 41.15% तक का मुनाफा मिला। SBI, ICICI, और UTI फंड मैनेजर्स ने कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया, वहीं SBI, ICICI, और Kotak ने सरकारी बॉन्ड्स में अच्छा काम किया। यह रिटर्न आमतौर पर भारत में ऐसे कॉर्पोरेट बॉन्ड म्यूचुअल फंड्स से मिलने वाले 5-8% रिटर्न के मुकाबले काफी ज़्यादा है।

Tier II अकाउंट्स: फ्लेक्सिबिलिटी और टैक्स की बातें

NPS का Tier II अकाउंट अपनी हाई लिक्विडिटी और फ्लेक्सिबिलिटी के चलते काफी पॉपुलर है। इसमें बिना किसी पेनल्टी के कभी भी पैसे निकाले जा सकते हैं और कोई लॉक-इन पीरियड नहीं है। यह म्यूचुअल फंड की तरह काम करता है, जिसमें कई तरह के एसेट एलोकेशन के विकल्प मिलते हैं। हालांकि, यह याद रखना ज़रूरी है कि Tier II में किए गए कॉन्ट्रिब्यूशन पर टैक्स छूट नहीं मिलती और इस पर होने वाले किसी भी मुनाफे पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा, जबकि Tier I अकाउंट में टैक्स के फायदे मिलते हैं।

ज़्यादा रिटर्न और जुड़े रिस्क को समझना

भले ही इक्विटी फंड्स ने 74.67% तक का शानदार रिटर्न दिखाया है, लेकिन यह रिटर्न के ऊपरी सिरे को दर्शाता है और इसमें हाई वोलेटिलिटी (अस्थिरता) का खतरा भी शामिल है, जो पेंशन सेविंग्स के लिए एक महत्वपूर्ण बात है। यह रिटर्न ब्रॉड मार्केट इंडेक्स के मुकाबले काफी ज़्यादा हैं। कुछ विश्लेषणों के अनुसार, NPS इक्विटी फंड्स का सामूहिक रिटर्न 5% से लेकर 14% से ज़्यादा तक या कुछ फंड्स के लिए 1.35% से 6.85% तक भी रहा है, जो अलग-अलग मार्केट कंडीशंस को दर्शाता है। NPS एक मार्केट-लिंक्ड सिस्टम है, जिसका मतलब है कि रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है। 100% इक्विटी आवंटन वाली स्ट्रैटेजीज़ मुनाफे और नुकसान, दोनों को बढ़ा सकती हैं।

फंड मैनेजर्स के प्रदर्शन में अंतर

NPS फंड मैनेजर्स के प्रदर्शन में काफी अंतर देखने को मिला है। जहां ICICI Prudential और HDFC Pension जैसे फंड्स ने इक्विटी में शानदार परफॉरमेंस दिखाई है, वहीं SBI के पेंशन फंड जैसे कुछ फंड्स ने इक्विटी स्कीम्स में कम रिटर्न दिया है। कॉर्पोरेट बॉन्ड्स की बात करें तो HDFC ने लगातार अच्छा रिटर्न दिया है, जबकि LIC Pension Fund ने सरकारी सिक्योरिटीज में अपना दबदबा दिखाया है। यह अंतर स्पेसिफिक स्कीम्स और फंड मैनेजर्स पर अच्छी तरह रिसर्च करने की ज़रूरत पर ज़ोर देता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.