बाज़ार में गिरावट, शेयर बने रॉकेट!
आज भारतीय शेयर बाज़ार में सुस्ती छाई रही। जहां निफ्टी 50 में 0.75% की गिरावट आई और सेंसेक्स 800 अंकों से ज़्यादा लुढ़क गया, वहीं दो कंपनियों Mrugesh Trading और Covidh Technologies के शेयरों ने सबको चौंका दिया। ये दोनों शेयर रॉकेट की तरह ऊपर भागे और अपने ऊपरी सर्किट (Upper Circuit) को छू गए।
वित्तीय सेवा (Financial Services) क्षेत्र की कंपनी Mrugesh Trading के शेयर ₹22.59 के स्तर पर पहुंच गए, जो 1.99% की बढ़त दर्शाता है। इसी तरह, आईटी (IT) फर्म Covidh Technologies का शेयर भी ₹74.16 पर बंद हुआ, जिसमें भी 1.99% की तेजी आई। यह उछाल ऐसे समय में आया जब 23 अप्रैल, 2026 को बाज़ार में गिरावट का माहौल था, निफ्टी 50 24,192.20 पर और सेंसेक्स नीचे आ गए थे, जो निवेशकों के बीच सतर्कता का संकेत दे रहे थे।
स्पेकुलेशन या फंडामेंटल? बड़ी तेजी की असली वजह
इन शेयरों की बेतहाशा तेजी के पीछे कोई मजबूत फंडामेंटल (Fundamentals) नहीं, बल्कि भारी स्पेकुलेशन (Speculation) है। Covidh Technologies के शेयर पिछले साल अपने ₹1.50 के न्यूनतम स्तर से लगभग 3,800% से भी ज़्यादा उछलकर ₹74.16 के करीब पहुंच गए। यह आईटी सॉफ्टवेयर कंपनी, जिसका मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) करीब ₹60 करोड़ है, नेगेटिव P/E रेश्यो (-998.57) और अस्थिर बुक वैल्यू (Book Value) दिखाती है, जो गहरे नुकसान का इशारा है। सेक्टर (Sector) के तौर पर Nifty IT इंडेक्स 22 अप्रैल, 2026 को ही बड़ी कंपनियों की कमजोर कमाई के चलते 3% से ज़्यादा गिरा था।
Mrugesh Trading, जो कमोडिटी ट्रेडिंग (Commodity Trading) और कमीशन आय (Commission Income) के क्षेत्र में है, ने तो और भी बड़ा कारनामा किया है। पिछले एक साल में यह शेयर अपने ₹0.48 के 52-हफ्ता लो (52-week low) से लगभग 4,700% चढ़कर ₹22.59 के स्तर पर है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन करीब ₹1,600 करोड़ है, लेकिन इसका ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (Trailing Twelve Month) P/E रेश्यो अक्सर शून्य या नेगेटिव रहता है, जो कमाई की कमी दिखाता है। इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) करीब 3.81% है और बुक वैल्यू सिर्फ़ ₹0.94 है।
निवेशकों के लिए खतरे की घंटी
इन शेयरों में अंधाधुंध तेजी जोखिम-रहित (Risk-averse) निवेशकों के लिए खतरे की घंटी है। Covidh Technologies की फंडामेंटल स्थिति कमजोर दिखती है। इसका P/E रेश्यो बहुत नेगेटिव है, बुक वैल्यू डगमगा रही है, और रिपोर्ट्स के अनुसार नेट प्रॉफिट (Net Profit) साल-दर-साल 400% गिरा है। कंपनी को 'below average quality company' बताया गया है और इसका RSI (Relative Strength Index) भी 'strongly overbought' जोन में है।
Mrugesh Trading, भले ही बड़ी कंपनी है, पर 'less financially stable than competitors' मानी जाती है। इसका Altman Z-score 0 है, जो वित्तीय संकट का जोखिम दिखाता है। प्रमोटर होल्डिंग (Promoter Holding) सिर्फ़ 0.25% है और पिछले तीन सालों का ROE भी कम रहा है। दोनों ही कंपनियों के लिए विश्लेषकों (Analysts) के सकारात्मक पूर्वानुमान (Forecasts) न के बराबर हैं।
भविष्य का संकेत: सतर्कता ही बचाव!
23 अप्रैल, 2026 को बाज़ार में दिखी सतर्कता, FIIs (Foreign Institutional Investors) और DIIs (Domestic Institutional Investors) की पिछली दिन की बिकवाली से भी साफ थी। यह बाज़ार के ठंडा होने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में Mrugesh Trading और Covidh Technologies जैसे स्पेकुलेटिव शेयरों में गिरावट का खतरा और बढ़ जाता है। बिना किसी फंडामेंटल सुधार या संस्थागत निवेश के, इनकी वर्तमान तेजी टिकाऊ नहीं लगती। जानकारों की राय और मौजूदा फंडामेंटल चिंताओं को देखते हुए, निवेशकों को इन शेयरों से बहुत सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि कम स्तरों से स्पेकुलेशन से चली तेजी भविष्य में अच्छे नतीजों की गारंटी नहीं देती।
