23 अक्टूबर को मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई। Renaissance Global, EMS Limited और Revathi Equipment जैसे स्टॉक्स **5% से 7%** तक टूट गए हैं, जो निवेशकों के बढ़ते रिस्क को दर्शाता है।
भारतीय शेयर बाजार में 23 अक्टूबर को चौतरफा बिकवाली का दबाव देखने को मिला। निवेशकों ने मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट से पैसा निकालना शुरू कर दिया है, जिससे कई शेयर 5% से 7% तक फिसल गए और अपने 52-week के लो लेवल पर पहुंच गए।
बाजार का हाल
सबसे ज्यादा गिरावट Renaissance Global (6.85%), EMS Limited (6.06%) और Revathi Equipment (5.43%) में दर्ज की गई। 52-week लो का मतलब है कि पिछले एक साल में खरीदार इन कीमतों पर खरीदारी करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, जो कंपनियों के भविष्य की ग्रोथ को लेकर निवेशकों के गिरते भरोसे का संकेत है।
बड़ी कंपनियों पर भी असर
यह बिकवाली केवल छोटी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। NTPC Green Energy, CreditAccess Grameen, CEAT और Aditya Birla Fashion and Retail जैसे दिग्गज मिड-कैप स्टॉक्स भी अपने 52-week के निचले स्तर को छू गए हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशक अब रिस्क से बचकर सुरक्षित विकल्पों या कैश की तरफ भाग रहे हैं।
तकनीकी कमजोरी का जाल
बिकवाली के दबाव में Jinkushal Industries और Ashapuri Gold Ornament जैसे शेयरों में लोअर सर्किट लग गया, जहाँ बिकवाली इतनी ज्यादा रही कि खरीदार गायब हो गए। तकनीकी चार्ट्स पर जब कोई शेयर सपोर्ट लेवल तोड़ता है, तो भारी मात्रा में ऑटोमैटिक सेल ऑर्डर ट्रिगर होते हैं, जिससे गिरावट और गहरी हो जाती है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
अब निवेशकों की नजर इन कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों पर टिकी होगी। यदि गिरावट केवल बाजार के सेंटीमेंट के कारण है, तो अच्छे नतीजे शेयर को फिर से संभलने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, अगर गिरावट का कारण कंपनी के खराब फंडामेंटल्स, कर्ज या मार्जिन का दबाव है, तो रिकवरी में लंबा समय लग सकता है। निवेशकों को कंपनी मैनेजमेंट की कमेंट्री पर कड़ी नजर रखनी होगी।
