शुक्रवार को भारतीय बाजारों में रिकवरी देखने को मिली। ऑटो सेक्टर की खरीदारी के दम पर Nifty ने **22,750** का स्तर फिर से हासिल कर लिया है। ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का दबाव होने के बावजूद घरेलू निवेशकों की खरीदारी से बाजार संभला है।
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त मजबूती देखी गई। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद बाजार ने वापसी की और Nifty ने 22,750 के अहम स्तर को पार कर लिया। बाजार की यह रिकवरी काफी व्यापक रही, जिसमें गिरने वाले शेयरों की तुलना में बढ़त के साथ बंद होने वाले शेयरों की संख्या अधिक रही।
ऑटो सेक्टर का जलवा
बाजार में तेजी लाने का सबसे बड़ा श्रेय ऑटोमोबाइल सेक्टर को जाता है। Bajaj Auto और Maruti Suzuki जैसे दिग्गज शेयरों में निवेशकों की भारी दिलचस्पी दिखी। निवेशक इन कंपनियों के दूसरे क्वार्टर (Q2) के नतीजों से पहले अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं, क्योंकि ऑटो सेक्टर में मुनाफे और सेल्स ग्रोथ की उम्मीदें काफी अधिक हैं।
ग्लोबल मार्केट की चिंताएं
बाजार अभी भी एक चुनौतीपूर्ण ग्लोबल माहौल से गुजर रहा है। दो बड़े कारक निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं: पहला, Brent crude oil की कीमतें जो $114 प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, और दूसरा, अमेरिकी 10-year bond yields जो 4.97% के आसपास मंडरा रहे हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए लागत बढ़ाती हैं, जो मुनाफे पर असर डाल सकती हैं। वहीं, बॉन्ड यील्ड बढ़ने से विदेशी निवेशक (FIIs) सुरक्षित अमेरिकी एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे बाजार में उनका निवेश धीमा पड़ा है।
टेक्निकल चार्ट क्या कहते हैं?
ट्रेडर्स के लिए अब 22,820 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण है, जो Nifty का 20-दिन का मूविंग एवरेज है। यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो यह 23,100 से 23,200 की ओर बढ़ सकता है। वहीं, नीचे की ओर 22,600 का लेवल एक मजबूत सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है। अगर इंडेक्स इससे नीचे फिसलता है, तो दोबारा कमजोरी के संकेत मिल सकते हैं।
