28 अक्टूबर, 2026 को भारतीय बाजारों में भारी बिकवाली का दौर रहा, जहां HDFC Bank और Nestle India जैसे बड़े दिग्गजों ने अपने **52-वीक लो** को छू लिया। हालांकि, बाजार की इस सुस्ती के बीच Piramal Pharma और Indo US Bio-Tec जैसे मिड-कैप शेयरों में खरीदारी की चमक देखी गई।
28 अक्टूबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। इस गिरावट ने न केवल बैंकिंग सेक्टर को बल्कि कंज्यूमर गुड्स और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को भी अपनी चपेट में ले लिया। बाजार का सेंटिमेंट कमजोर होने के कारण बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई है।
दिग्गजों पर दबाव
मार्केट के भारी-भरकम शेयरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। HDFC Bank, Nestle India और Britannia Industries जैसे बड़े नाम 52-वीक लो के स्तर पर पहुंच गए हैं। फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर का हाल भी खराब रहा, जिसमें Mahindra & Mahindra Financial Services, HDFC Life Insurance और SBI Cards के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। ऐसा लग रहा है कि इंस्टीट्यूशनल सेलिंग (Institutional Selling) इन बेलवेदर शेयरों पर हावी हो रही है।
मिड-कैप की चमक
बाजार की मायूसी के बीच कुछ मिड-कैप शेयरों ने उम्मीद की किरण दिखाई है। Piramal Pharma का शेयर 10.46% उछलकर ₹222.40 पर बंद हुआ, जबकि Indo US Bio-Tec ने 13.28% की छलांग लगाकर ₹84.11 का स्तर छुआ। यह चुनिंदा शेयरों में हो रही खरीदारी की ओर इशारा करता है।
तकनीकी संकेत
बाजार की कमजोरी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई शेयर अपने मूविंग एवरेज से नीचे फिसल गए हैं। Urban Enviro Waste Management में 8.95% की गिरावट आई और यह ₹112.50 पर आ गया, वहीं Allied Blenders and Distillers भी 3.81% लुढ़क गया। इसके अलावा, Mazagon Dock Shipbuilders और Afcons Infrastructure जैसे इंडस्ट्रियल शेयरों पर भी बिकवाली का दबाव साफ दिखा।
फिलहाल, बाजार में ब्लू-चिप शेयरों की गिरावट और मिड-कैप की तेजी के बीच एक बड़ी अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रमुख कंपनियों को निचले स्तरों पर सपोर्ट मिलता है या बाजार की यह अस्थिरता और लंबी खिंचेगी।
