Sensex-Nifty: रिकॉर्ड तोड़ तेजी! SBI, Reliance चमके; REC-PFC मर्जर पर उठी चिंता

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AuthorAditya Rao|Published at:
Sensex-Nifty: रिकॉर्ड तोड़ तेजी! SBI, Reliance चमके; REC-PFC मर्जर पर उठी चिंता
Overview

भारतीय शेयर बाजार में आज जोश दिखा। BSE Sensex और NSE Nifty दोनों ही बढ़त के साथ बंद हुए। इसकी मुख्य वजह कंपनियों की मजबूत कमाई (Earnings) और खास तौर पर State Bank of India (SBI) और Reliance Industries के शानदार नतीजे रहे। Nifty ने **25,800** का स्तर पार किया, जबकि Sensex **485** अंक चढ़ा। हालांकि, Power Finance Corporation (PFC) और Rural Electrification Corporation (REC) के शेयर मर्जर की खबर के चलते गिरे।

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सोमवार, 9 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार रफ्तार पकड़ी। BSE Sensex और NSE Nifty दोनों मजबूती के साथ बंद हुए। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, निफ्टी के करीब 40 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जिससे Nifty 25,800 के पार निकल गया और Sensex 84,066 पर जा पहुंचा। इस तेजी के पीछे कॉर्पोरेट जगत के दमदार नतीजे, खासकर State Bank of India (SBI) और Reliance Industries का अहम योगदान रहा।

SBI के शेयरों में 7% की जोरदार तेजी देखी गई, जिसका मुख्य कारण तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के बेहतरीन नतीजे और कंपनी की भविष्य की गाइडेंस (Guidance) में किया गया इजाफा था। यह संकेत देता है कि कंपनी का प्रदर्शन मजबूत है। इसी तरह, Tata Steel जैसे दूसरे सेक्टरों की कंपनियों ने भी उम्मीदों से बेहतर नतीजे पेश किए, जिसे एनालिस्ट्स (Analysts) का सकारात्मक रुख भी मिला।

जहां ब्रॉडर मार्केट (Broader Market) ने नतीजों का जश्न मनाया, वहीं कुछ खास सेक्टर और शेयरों में अलग-अलग परफॉरमेंस दिखी। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (Consumer Durables) और PSU बैंक सेक्टरों ने सभी इंडेक्सों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की। इंडेक्स से बाहर, मिडकैप शेयर Kalyan Jewellers ने Q3 FY26 के मजबूत नतीजों के दम पर 15% से ज्यादा का उछाल दिखाया। Zydus Lifesciences में भी 4% की तेजी आई, क्योंकि कंपनी की तिमाही परफॉरमेंस उम्मीदों से बढ़कर रही, और रेवेन्यू (Revenue) में साल-दर-साल 30% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई।

वहीं, इंडिया-यूएस (India-US) के बीच एक अंतरिम व्यापार फ्रेमवर्क (Interim Trade Framework) के एलान से टेक्सटाइल (Textile) सेक्टर के शेयरों, जैसे Gokaldas Exports में 7% तक की तेजी देखी गई। Vodafone Idea के शेयर 4% चढ़े, क्योंकि प्रमोटर कुमार मंगलम बिरला ने ओपन मार्केट में अतिरिक्त शेयर खरीदे, जिससे कंपनी के प्रमुख हितधारकों (Stakeholders) का भरोसा झलका।

बाजार का यह उछाल काफी फैला हुआ था। Nifty 50 22.3 के P/E (Price-to-Earnings) मल्टीपल पर कारोबार कर रहा था, और BSE Sensex 23.2 पर। यह एक मोटे तौर पर उचित मूल्यांकन (Valuation) वाला बाजार दिखाता है। Nifty Bank इंडेक्स करीब 60,675 पर 16.3 के P/E के साथ बंद हुआ, जबकि Nifty Midcap 100 इंडेक्स 59,503 पर 33.0 के P/E के साथ रहा। हालांकि, वैल्यूएशन में अंतर साफ दिख रहा है।

Titan Company जैसे हाई-ग्रोथ कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी (Consumer Discretionary) शेयरों का P/E मल्टीपल काफी ऊंचा है, Titan का P/E करीब 85-96 है। Grasim Industries, जिसका P/E करीब 21-48 है, वह भी एक बड़ी वैल्यूएशन रेंज दिखाता है। इसके विपरीत, PFC और REC जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसर्स (Infrastructure Financiers) काफी कम P/E पर ट्रेड कर रहे हैं, PFC करीब 5.5 और REC करीब 5.7 के P/E पर। यह बड़ा अंतर बताता है कि जहां ग्रोथ स्टॉक प्रीमियम मांगते हैं, वहीं महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट एक्शन (Corporate Action) से गुजर रही कंपनियों का वैल्यूएशन डायनामिक्स (Dynamics) अलग होता है।

Power Finance Corporation (PFC) और Rural Electrification Corporation (REC) के मर्जर की मंजूरी एक अहम मोड़ हो सकती है, लेकिन बाजार की प्रतिक्रिया हल्की रही और दोनों शेयर लाल निशान में बंद हुए। ब्रॉडर मार्केट की सकारात्मक चाल से अलग यह परफॉरमेंस निवेशकों की चिंताएं दिखा सकती है। यह चिंताएं मर्जर की प्रक्रिया, वैल्यूएशन के अंतर, या टाइट क्रेडिट माहौल में संयुक्त इकाई (Combined Entity) की भविष्य की रणनीति और एसेट क्वालिटी (Asset Quality) को लेकर हो सकती हैं। PFC का ROE 21.0% और REC का 21.5% होने के बावजूद, बाजार वैल्यूएशन डिस्काउंट (Discount) से ज्यादा सिनर्जी (Synergies) और एग्जीक्यूशन (Execution) क्षमताओं पर ध्यान दे रहा है।

इसके अलावा, Titan (करीब 90-96) और Kalyan Jewellers (करीब 37-43) जैसी कंज्यूमर-फेसिंग (Consumer-Facing) कंपनियों के हाई P/E रेशियो बताते हैं कि निवेशकों का ऑप्टिमिज्म (Optimism) किसी भी नतीजे में कमी या कंज्यूमर स्पेंडिंग पैटर्न (Spending Patterns) में बदलाव के प्रति संवेदनशील हो सकता है, खासकर मौजूदा मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितताओं (Macroeconomic Uncertainties) को देखते हुए।

आगे चलकर, बाजार की दिशा लगातार मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों और बड़े कॉर्पोरेट एक्शन्स के सफल एकीकरण (Integration) पर निर्भर करेगी। एनालिस्ट्स SBI जैसी कंपनियों की गाइडेंस में और बढ़ोतरी और Titan व Grasim के आगामी नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। PSU बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टरों का प्रदर्शन भी व्यापक आर्थिक स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण संकेतक होंगे। REC-PFC मर्जर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया पर फाइनेंशियल सेक्टर में कंसॉलिडेशन (Consolidation) को लेकर निवेशक भावना का गहरा विश्लेषण जरूरी है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.