बाजार में बड़ी बंटवारा! AI के डर से IT धराशायी, Bajaj Finance और L&T ने भरी उड़ान

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
बाजार में बड़ी बंटवारा! AI के डर से IT धराशायी, Bajaj Finance और L&T ने भरी उड़ान
Overview

आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली। जहां एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं के चलते Nifty IT इंडेक्स **लगभग 7%** धड़ाम हो गया, वहीं दूसरी ओर कुछ चुनिंदा स्टॉक्स जैसे **Bajaj Finance** और **L&T** ने दम दिखाया। बाजार में जबरदस्त वोलैटिलिटी (volatility) रही, जो कई वजहों से थी।

बाजार में दिखा ज़बरदस्त बंटवारा

9 फरवरी, 2026 से शुरू हुए इस कारोबारी हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार ने अलग-अलग रंग दिखाए। जहां Nifty IT इंडेक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को लेकर निवेशकों की घबराहट के चलते 6.91% लुढ़क गया, वहीं बाकी बाजार में काफी हलचल रही। बेंचमार्क Nifty इंडेक्स 1,662 पॉइंट के बड़े दायरे में घूमा। इस बीच, अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर टैरिफ (tariff) 25% से घटाकर 18% करने की खबर ने कुछ देर के लिए बाजार में उम्मीद जगाई थी, लेकिन यह राहत ज्यादा देर नहीं टिक पाई और मुनाफावसूली (profit-taking) हावी हो गई। इस सबके बावजूद, बैंकिंग सेक्टर, यानी Bank Nifty, मजबूती दिखाता रहा और हफ्तेभर में करीब 3% की बढ़त के साथ 61,764 का अपना नया ऑल-टाइम हाई (all-time high) स्तर छुआ।

सेक्टर पर AI का साया, इंफ्रा में तेजी

Nifty IT में आई इस भारी गिरावट की सीधी वजह AI के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंताएं हैं। निवेशकों को डर है कि AI पारंपरिक IT सेवाओं की मांग को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, अमेरिका से टैरिफ घटने की खबर ने बाजार को थोड़ी देर के लिए सहारा दिया। टेक्निकल चार्ट्स (technical charts) पर देखें तो, Nifty इस समय 100-दिन EMA के आसपास 25,500-25,550 के सपोर्ट लेवल को टेस्ट कर रहा है। ऊपर की ओर, 25,850–25,880 का स्तर एक रेसिस्टेंस (resistance) बना हुआ है, जिसे पार करने पर यह 26,000 और 26,200 तक जा सकता है। वहीं, Bank Nifty अपने 20-दिन EMA के सपोर्ट 59,600–59,500 के ऊपर बना हुआ है और 60,400-60,500 के रेसिस्टेंस जोन से लड़ रहा है।

Bajaj Finance और L&T की शानदार चाल

Bajaj Finance (BAJFINANCE) ने तो कमाल ही कर दिया! कंपनी ने 942–976 के कंसॉलिडेशन (consolidation) रेंज को बड़े वॉल्यूम के साथ तोड़कर जबरदस्त बुलिश मोमेंटम (bullish momentum) दिखाया है। टेक्निकल इंडिकेटर्स (technical indicators) भी इसके पक्ष में हैं। RSI 32 से बढ़कर 58 पर पहुँच गया है, जबकि ADX इंडिकेटर में DI+ का DI- से ऊपर जाना पॉज़िटिव दिशात्मक मोमेंटम (directional momentum) बता रहा है। बढ़ता हुआ MACD हिस्टोग्राम (histogram) भी इस तेजी का साथ दे रहा है। इस शानदार परफॉरमेंस के साथ Bajaj Finance नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, जहां रिटेल क्रेडिट और डिजिटल ऑफरिंग पर फोकस इसे दूसरों से आगे रखता है।

Larsen & Toubro (LT), जो इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) और इंजीनियरिंग सेक्टर की एक बड़ी कंपनी है, एक दमदार रिकवरी दिखा रही है। शेयर ने अपने 200-दिन EMA से जबरदस्त वापसी की है, जो एक क्लासिक बुलिश रिवर्सल (bullish reversal) का संकेत है। RSI का 24 के ओवरसोल्ड (oversold) लेवल से 59 तक पहुंचना खरीदारों की मजबूत दिलचस्पी को दर्शाता है। Relative Rotational Graph (RRG) पर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मोमेंटम बढ़ता दिख रहा है, और LT इस ट्रेंड को लीड कर रहा है। यह तेजी सरकारी पहलों और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में प्राइवेट निवेश को देखते हुए अच्छी है, जिससे कंपनी की इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन सेवाओं की मांग बढ़ेगी।

जोखिमों पर भी डालें एक नज़र

हालांकि, कुछ जोखिमों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Bajaj Finance के लिए, लोन बुक का तेजी से बढ़ना जहां ग्रोथ का जरिया है, वहीं क्रेडिट रिस्क (credit risk) को भी बढ़ाता है, खासकर अगर इकोनॉमी धीमी हुई तो। NBFCs में कड़ी कॉम्पिटिशन (competition) है, जो नेट इंटरेस्ट मार्जिन (net interest margin) पर दबाव डाल सकती है। साथ ही, NBFCs पर रेगुलेटरी स्कैन (regulatory scan) भी एक चिंता का विषय है।

Larsen & Toubro के लिए, बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में आने वाली चुनौतियाँ, जैसे लागत बढ़ना, रेगुलेटरी देरी और ग्लोबल सप्लाई चेन (global supply chain) पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं (geopolitical uncertainties) जोखिम पैदा कर सकती हैं। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भरता पॉलिसी बदलावों से प्रभावित कर सकती है।

आगे क्या?

आगे चलकर, एनालिस्ट्स (analysts) Bajaj Finance और L&T के लिए पॉजिटिव आउटलुक (outlook) रख रहे हैं। Bajaj Finance के 1050 का लेवल छूने की उम्मीद है, जबकि L&T 4355 के लक्ष्य की ओर बढ़ सकता है। IT सेक्टर के लिए समय थोड़ा अनिश्चित है, क्योंकि कंपनियों को AI के नए दौर के साथ तालमेल बिठाना होगा। बाजार की कुल दिशा इन्फ्लेशन (inflation), सेंट्रल बैंक की नीतियों और ग्लोबल इकोनॉमी की रिकवरी पर टिकी रहेगी।

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