मार्केट एक्सपर्ट राहुल घोष का मानना है कि निफ्टी में अभी कंसॉलिडेशन (Consolidation) देखने को मिल सकता है, जो **24,600** से **24,800** के बीच रह सकता है। उन्होंने बैंक निफ्टी और रियल एस्टेट को आउटपरफॉर्म करने वाला सेक्टर बताया है। वहीं, IT सेक्टर पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
निफ्टी और बैंक निफ्टी में क्या है खास?
मार्केट एनालिस्ट राहुल घोष, जो Octanom Tech और Hedged के फाउंडर और CEO हैं, ने 13 जुलाई 2026 तक के लिए भारतीय बाजारों का अपना आउटलुक शेयर किया है। उनके एनालिसिस के मुताबिक, निफ्टी 50 में कंसॉलिडेशन (Consolidation) का दौर जारी रह सकता है।
घोष का कहना है कि निफ्टी फिलहाल 24,600 से 24,800 के रेंज में कंसॉलिडेट कर सकता है। इंडेक्स को एक मजबूत अपट्रेंड दिखाने के लिए 200-दिनों के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA), जो फिलहाल 24,400 के करीब है, के ऊपर क्लोजिंग देना जरूरी है। मौजूदा मार्केट कंडीशंस को देखते हुए, जुलाई के भीतर 25,000 का लेवल छूना एक चुनौती लग रही है।
इसके विपरीत, बैंक निफ्टी ज्यादा स्टेबल दिख रहा है। इसने 200-दिन EMA के ऊपर अपनी पोजिशन बनाए रखी है और एक अपवर्ड-स्लोपिंग चैनल में ट्रेड कर रहा है। इस चैनल से सफलतापूर्वक ब्रेकआउट करने पर बैंक निफ्टी 58,700 से 58,800 के लेवल तक जा सकता है, और संभवतः 60,000 तक भी पहुंच सकता है। यह बताता है कि बैंकिंग स्टॉक्स व्यापक इंडेक्स की तुलना में ग्रोथ के लिए बेहतर स्थिति में हो सकते हैं।
रियल एस्टेट और मिडकैप का दम
रियल एस्टेट सेक्टर में Godrej Properties, DLF, और Prestige Estates Projects जैसे बड़े स्टॉक्स में ब्रेकआउट पैटर्न दिख रहे हैं। इन स्टॉक्स ने अपने 200-दिन मूविंग एवरेज को पार कर लिया है, जो मोमेंटम में बदलाव का संकेत दे रहा है। Nifty Realty इंडेक्स भी इस मजबूती को दर्शा रहा है, और टेक्निकल इंडिकेटर्स 1,050 से 1,130 की रेंज तक और मजबूती की ओर इशारा कर रहे हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स से भी इसी तरह की तेजी जारी रहने की उम्मीद है। Nifty Midcap 100 इंडेक्स हाल ही में रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा है, और Nifty Smallcap इंडेक्स भी ऐसे ही ब्रेकआउट के करीब है। बैंकिंग स्पेस में, RBL Bank जैसे कुछ स्टॉक्स में टेक्निकल पैटर्न अपवर्ड मूवमेंट का संकेत दे रहे हैं, जो 420 से 425 के लेवल तक जा सकता है।
IT सेक्टर और क्रूड ऑयल पर क्या है राय?
IT सेक्टर के लिए आउटलुक अभी भी सतर्कता भरा है। हालांकि कुछ स्टॉक्स के लिए रिवॉर्ड-टू-रिस्क बैलेंस बेहतर हुआ है, लेकिन मेजर सपोर्ट लेवल मौजूदा कीमतों से 10% से 15% नीचे हैं। IT इंडेक्स फिलहाल 26,000 के करीब मंथली सपोर्ट लेवल पर है और व्यापक बाजार के मुकाबले अंडरपरफॉर्म करना जारी रख सकता है। इसलिए, IT सेक्टर में नई ट्रेडिंग पोजीशन लेने की फिलहाल सलाह नहीं दी जाती है।
दूसरी ओर, क्रूड ऑयल एक कन्फर्म्ड डाउनवर्ड ट्रेंड में है। भले ही $81 से $82 प्रति बैरल तक की शॉर्ट-टर्म बाउंस संभव हो, लेकिन लॉन्ग-टर्म ट्रेंड बताता है कि कीमत अंततः $58 और $60 के बीच सपोर्ट लेवल टेस्ट कर सकती है। कमोडिटी-लिंक्ड स्टॉक्स या तेल की कीमतों के प्रति संवेदनशील स्टॉक्स पर नजर रखने वाले निवेशकों को इन लेवल्स पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि क्रूड ऑयल के लिए मौजूदा स्ट्रेटेजी 'सेलिंग ऑन रैली' (Sell on Rally) ही है।
