Vallum Capital के मनीष भंडारी का मानना है कि IT शेयरों में हालिया गिरावट निवेश का एक सुनहरा मौका है, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब कंपनियों की कमाई में योगदान देने लगा है। इसके अलावा, बैंकिंग सेक्टर में भी उन्हें लंबी अवधि की वैल्यू दिख रही है।
IT सेक्टर में नई उम्मीद
मनीष भंडारी का कहना है कि IT सेक्टर में आई हालिया वोलेटिलिटी निवेशकों के लिए एक रणनीतिक मौका है। उनके मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल एक प्रयोग नहीं रहा, बल्कि यह बड़ी दिग्गज कंपनियों के रेवेन्यू में सीधे तौर पर योगदान देने लगा है। स्थिर डील फ्लो और भारतीय रुपये के उतार-चढ़ाव से मिले लाभ के कारण कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन सुरक्षित हैं। साथ ही, कंपनियों की हायरिंग में आ रहे बदलाव इस बात का संकेत हैं कि वे अब फिर से 'ग्रोथ माइंडसेट' की ओर लौट रही हैं।
बैंकिंग सेक्टर: रिस्क के बीच मजबूती
भले ही Reserve Bank of India द्वारा ब्याज दरों में 25 से 50 बेसिस पॉइंट्स की और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है, लेकिन बैंकिंग सेक्टर अभी भी फोकस में है। मार्केट में क्रेडिट ग्रोथ और डिपॉजिट मोबिलाइजेशन के बीच का गैप भले ही एक चुनौती बना हुआ है, लेकिन भंडारी का मानना है कि प्रॉफिट ग्रोथ के लिहाज से बैंक अभी भी अंडरवैल्यूड हैं।
उनकी नजर में, कई बैंकों के लोन रेपो रेट से जुड़े हैं, जो डिपॉजिट रेट्स की तुलना में तेजी से एडजस्ट होते हैं। यह स्ट्रक्चरल फीचर उन्हें रेट हाइक के दौरान एक बफर देता है। हालांकि, उन्होंने चेताया है कि नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) पर फंडिंग लागत का दबाव ज्यादा हो सकता है।
मार्केट स्ट्रैटेजी और सावधानियां
Nifty में हुई हालिया गिरावट ने वैल्युएशन को काफी हद तक तर्कसंगत बनाया है। मनीष भंडारी के अनुसार, अगले 5 वर्षों में क्वालिटी स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों की तरफ रुझान बढ़ेगा। वहीं, उन्होंने इंश्योरेंस सेक्टर पर सावधानी बरतने की सलाह दी है और कहा है कि निवेशकों को IRDAI के नए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, खासकर एक्सपेंस लिमिट पर स्पष्टता का इंतजार करना चाहिए। अंत में, उन्होंने कहा कि मौजूदा बाजार में किसी भी नतीजे तक पहुंचने के लिए 'स्टॉक सिलेक्शन' ही सफलता की असली चाबी है।
