लंबे समय से तेजी दिखा रहे Kirloskar Oil Engines के शेयरों में अब करेक्शन देखने को मिल रहा है। कंपनी के मुनाफे पर दबाव और हाई वैल्युएशन के बीच, निवेशक ₹2,267 के आसपास ट्रेड कर रहे इस शेयर में अब ₹2,200 के अहम सपोर्ट लेवल पर नजरें टिकाए हुए हैं।
मुनाफे में दबाव और वैल्युएशन की चुनौती
लंबे समय की शानदार रैली के बाद, Kirloskar Oil Engines का शेयर अब कंसोलिडेशन फेज में है और फिलहाल ₹2,267.40 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों के लिए यह गिरावट एक टेक्निकल करेक्शन जैसी है, जहां बाजार कंपनी के वैल्युएशन को दोबारा परख रहा है।
कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2030 तक $2 बिलियन का रेवेन्यू हासिल करना है, जिसके लिए ₹1,400 करोड़ का भारी-भरकम कैपेक्स प्लान तैयार किया गया है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के नतीजों ने मार्केट को थोड़ा सतर्क कर दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर ₹99 करोड़ पर आ गया और मार्जिन 5.64% पर सिमट गया है। चूंकि शेयर का P/E रेशियो 55-71x की रेंज में बना हुआ है, इसलिए मार्जिन में मामूली कमी भी शेयर की कीमतों में तेज गिरावट का कारण बन रही है।
अब आगे क्या?
बाजार की नजरें अब ₹2,200 के सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं। यह स्तर पहले ब्रेकआउट के दौरान एक मजबूत सपोर्ट के तौर पर सामने आया था। अगर शेयर इस स्तर को होल्ड कर लेता है, तो यह माना जाएगा कि करेक्शन केवल एक हेल्दी रिसेट है। लेकिन अगर यह लेवल टूटता है, तो शॉर्ट-टर्म में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
निवेशकों के लिए चुनौती यह है कि कंपनी अपने ₹1,400 करोड़ के विस्तार प्लान को कर्ज के बोझ के बिना कैसे पूरा करती है। आने वाली तिमाहियों के नतीजे यह साफ कर देंगे कि मार्जिन का दबाव महज एक अस्थायी झटका था या फिर कंपनी के लिए एक लंबी चुनौती।
