अंदरूनी दांव: इन तीन कंपनियों में प्रमोटरों की बढ़ी हिस्सेदारी
हाल ही में भारतीय शेयर बाजार की तीन बड़ी कंपनियों – Infosys, Godrej Industries और Vardhman Textiles – में प्रमोटरों (Promoters) ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। यह आम तौर पर अंदरूनी लोगों के कंपनी पर भरोसे का एक संकेत माना जाता है। लेकिन, गहराई से देखें तो यह कदम अलग-अलग कॉर्पोरेट हकीकतों के बीच उठाया गया है, जहाँ किसी कंपनी को AI के खतरे से निपटना है, तो कोई नतीजों में मिली-जुली तस्वीर पेश कर रही है, और किसी को भारी मुनाफा गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए, सिर्फ हिस्सेदारी बढ़ने के संकेत पर आंख मूंदकर भरोसा करना सही नहीं होगा, बल्कि कंपनी की वित्तीय सेहत और रणनीतिक योजनाओं का विश्लेषण भी जरूरी है।
Infosys: AI के बीच भी बढ़ा भरोसा
Q3 FY26 में Infosys के प्रमोटरों ने अपनी हिस्सेदारी 0.22% बढ़ाकर 14.52% कर दी है, जो पहले 14.30% थी। यह तब हुआ जब कंपनी के नतीजों के बाद शेयर में लगभग 5% की तेजी आई। असल में, यह तेजी प्रमोटरों की मामूली हिस्सेदारी बढ़ने से नहीं, बल्कि Infosys द्वारा पूरे साल के लिए रेवेन्यू गाइडेंस को 3-3.5% तक बढ़ाने और बड़े डील्स मिलने की वजह से आई। कंपनी का रेवेन्यू 8.9% बढ़कर ₹45,479 करोड़ रहा, लेकिन नेट प्रॉफिट 2.2% घटकर ₹6,654 करोड़ पर आ गया। इसका मुख्य कारण नए इंडियन लेबर कोड से जुड़ा ₹1,289 करोड़ का एक खास चार्ज था।
Godrej Industries: नतीजों में मिली-जुली तस्वीर, फिर भी प्रमोटरों का दांव
Godrej Industries में प्रमोटरों ने 3.33% की बड़ी हिस्सेदारी बढ़ाई, जिससे उनकी कुल हिस्सेदारी 74.64% हो गई, जो लिमिट के करीब है। Q3 FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11% और नेट प्रॉफिट 9% बढ़ा। लेकिन, स्टैंडअलोन (Standalone) ऑपरेशंस में कंपनी को ₹21.05 करोड़ का घाटा हुआ, जो आंतरिक बिजनेस सेगमेंट की दिक्कतों को दिखाता है। साथ ही, कंपनी 'अन्य आय' (Other Income) पर काफी निर्भर रही है, जिससे उसकी मुनाफा कमाने की क्षमता पर सवाल उठते हैं। इसी दौरान, Godrej Industries ने अपनी वित्तीय सेवा शाखा को Godrej Investment Limited में समेटा है, जो इस सेगमेंट में कंपनी की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
Vardhman Textiles: मुनाफा गिरा, पर हिस्सेदारी बढ़ी
Vardhman Textiles के प्रमोटरों ने भी अपनी हिस्सेदारी 0.23% बढ़ाकर 64.44% कर ली है। कंपनी का रेवेन्यू 2% बढ़कर ₹2,533 करोड़ रहा, लेकिन नेट प्रॉफिट 17-19% गिरकर ₹170 करोड़ रह गया। EBITDA में भी 6-9.4% की गिरावट आई और मार्जिन 15.5% से घटकर 14.2% पर आ गया। इन चुनौतियों के बावजूद, Vardhman Textiles एक बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) कर रही है। हाल ही में उन्होंने बद्दी (Baddi) में अपना टेक्निकल टेक्सटाइल्स प्लांट शुरू किया है, जिसका मकसद हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ना है। कंपनी का P/E रेशियो 19-21 के आसपास है और मार्केट कैप करीब ₹15,693 करोड़ है।
आगे क्या?
Infosys ने FY26 के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 3-3.5% (कांस्टेंट करेंसी टर्म्स में) रखा है, और ऑपरेटिंग मार्जिन 20-22% रहने की उम्मीद है। Godrej Industries अपने वित्तीय सेवा बिज़नेस, Godrej Capital को तेजी से बढ़ाने पर फोकस कर रही है। Vardhman Textiles के लिए भविष्य उसके बड़े CapEx और टेक्निकल टेक्सटाइल्स जैसे हाई-वैल्यू सेगमेंट में सफल बदलाव पर निर्भर करेगा, जो भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री का एक तेजी से बढ़ता हुआ हिस्सा है।