IRCTC: एकाधिकार की ताकत और ग्रोथ के दांव
Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) ऑनलाइन रेल टिकटिंग, कैटरिंग और पैक्ड वॉटर में अपने सरकारी एकाधिकार का फायदा उठाना जारी रखे हुए है। कंपनी ने Q3 FY26 में दमदार नतीजे पेश किए, जिसमें रेवेन्यू सालाना 18.2% बढ़कर ₹1,449 करोड़ हो गया और नेट प्रॉफिट 15.5% बढ़कर ₹394 करोड़ रहा। इंटरनेट टिकटिंग इसका मुख्य आधार बनी हुई है, जहां 89% रिजर्व्ड टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं, जिससे EBITDA मार्जिन मजबूत है। नई वंदे भारत ट्रेनों और रेल नीर की क्षमता विस्तार से कैटरिंग सेगमेंट भी ग्रोथ को बढ़ावा दे रहा है। टूरिज्म सेक्टर में रेवेन्यू में सालाना 29% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई। शेयर में हालिया गिरावट और पॉलिसी से जुड़े जोखिमों के बावजूद, IRCTC का वैल्यूएशन कुछ हद तक सामान्य हुआ है। इसका EV/EBITDA 20.6 गुना है, जो इसके पांच साल के औसत से नीचे है। एनालिस्ट्स 'स्ट्रांग बाय' रेटिंग बनाए हुए हैं, जिसका औसत टारगेट प्राइस ₹796.67 है, जो 48.47% के संभावित अपसाइड का संकेत देता है। हालांकि, इसका P/E रेशियो लगभग 29.71 है, जो इंडियन कमर्शियल सर्विसेज इंडस्ट्री के औसत 17.5x से काफी ज्यादा है, जो प्रीमियम वैल्यूएशन को दर्शाता है।
Hindustan Zinc: विस्तार के बीच चांदी से मुनाफे में उछाल
Hindustan Zinc, भारत के जिंक मार्केट में लगभग 75% हिस्सेदारी के साथ एक बड़ी कंपनी है। यह अपनी खदानों, इंटीग्रेटेड स्मेल्टर और सख्त कॉस्ट कंट्रोल के जरिए अपना मोट मजबूत करती है। कंपनी ने रिकॉर्ड FY26 दर्ज किया, जिसमें रेवेन्यू 20% सालाना बढ़कर ₹40,844 करोड़ हुआ और नेट प्रॉफिट 34% बढ़कर ₹13,832 करोड़ हो गया। चांदी (Silver) मुनाफे का एक अहम जरिया बनकर उभरी है, जो कुल मुनाफे का 45% है। राजस्थान में एक मेटल कॉम्प्लेक्स के लिए ₹12,000 करोड़ का बड़ा विस्तार प्रोजेक्ट भी चल रहा है। कंपनी का EV/EBITDA 12 गुना है, जो इसके ऐतिहासिक औसत से थोड़ा ऊपर है, लेकिन मजबूत रिटर्न रेश्यो इसे सपोर्ट करते हैं।
HAL: मजबूत ऑर्डर बुक के साथ डिफेंस सेक्टर में दबदबा
Hindustan Aeronautics Limited (HAL) भारत के एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लगभग एकाधिकार रखती है। यह अपनी एडवांस टेक्नोलॉजिकल क्षमता और साबित ट्रैक रिकॉर्ड के कारण है। FY26 के लिए, HAL ने 7% रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹33,050 करोड़ की रिपोर्ट दी, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स 12% बढ़कर ₹12,112 करोड़ रहा। कंपनी की ऑर्डर बुक बढ़कर ₹2,54,538 करोड़ हो गई है, जिसका बड़ा हिस्सा LCA Mk1A एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के बड़े ऑर्डरों से आया है। HAL अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ा रही है और भविष्य के प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रही है। इसका EV/EBITDA 18.2 गुना है, जो कि ज्यादा है, लेकिन मजबूत ऑर्डर बैकलॉग और राष्ट्रीय सुरक्षा में इसकी अहमियत इसे एक मजबूत आधार देती है। डिफेंस सेक्टर में सरकारी खर्च और 'आत्मनिर्भर भारत' (indigenization) प्रयासों से डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है।
मार्केट का माहौल और संभावित जोखिम
भारतीय बाजार में हालिया तेजी देखी गई है, जिसमें लार्ज-कैप और सरकारी कंपनियों में चुनिंदा खरीदारी हुई है। रुपये का कमजोर होना और इनपुट कॉस्ट का बढ़ना जैसे मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर चिंता का विषय बने हुए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, जो IRCTC और HAL के लिए महत्वपूर्ण है, अप्रैल 2026 में 1.7% बढ़ा। डिफेंस सेक्टर भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसका लक्ष्य 2029 तक $6 बिलियन का एक्सपोर्ट है। यह HAL के लिए फायदेमंद है, जबकि IRCTC इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से जुड़ी है। Hindustan Zinc को ओवरऑल आर्थिक विस्तार का लाभ मिल रहा है।
हालांकि, इन मजबूत 'मोट' वाली कंपनियों के लिए कुछ चुनौतियां भी हैं। IRCTC को पॉलिसी बदलावों का जोखिम है और इसका इंटरनेट टिकटिंग सेगमेंट लगभग सैचुरेशन के करीब है, जिसका P/E (~29.71) इंडस्ट्री एवरेज से ज्यादा है। Hindustan Zinc को मेटल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विस्तार प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन रिस्क का सामना करना पड़ सकता है, जिसका P/E (~19.19) थोड़ा ज्यादा है। HAL के लिए सरकारी ऑर्डरों पर निर्भरता और समय पर एग्जीक्यूशन महत्वपूर्ण है, और इसका P/E (31.79) ऐतिहासिक औसत से काफी ऊपर है। इसके अलावा, 2026 में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) की बिकवाली का दबाव फंडामेंटली मजबूत शेयरों पर भी पड़ सकता है।
