ग्लोबल संकेतों से गिरी थी मार्केट
बाज़ार की शुरुआत कमजोर रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर की गई टिप्पणियों के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ा। इन बयानों ने स्थिति के जल्दी सुधरने की उम्मीदों को कम कर दिया, जिससे वैश्विक बाज़ारों पर असर पड़ा और फिर भारतीय शेयर भी गिरे। दोपहर तक, सेंसेक्स अपने उच्चतम स्तर से 1,500 से ज़्यादा अंक गिर चुका था और निफ्टी 2% से ज़्यादा टूट गया था, जिससे पिछले दिन की बढ़त लगभग खत्म हो गई और निवेशकों में सावधानी आ गई।
वैल्यू बायर्स ने निचले स्तरों पर की खरीदारी
जैसे ही शेयर की कीमतें तेजी से गिरीं, खरीदार बाज़ार में उतरे और निचले स्तरों पर वैल्यू (Value) देखकर खरीदारी शुरू कर दी। निवेशकों ने उन शेयरों को खरीदना शुरू कर दिया जिनमें दिन के दौरान भारी गिरावट आई थी। इस खरीदारी ने दोनों सूचकांकों को ट्रेडिंग के अंत तक उनके सबसे निचले स्तरों से उबरने में मदद की।
टेक्नोलॉजी सेक्टर ने दिखाई दम
मार्केट की रिकवरी में टेक्नोलॉजी सेक्टर का अहम योगदान रहा। Nifty IT इंडेक्स 2% से ज़्यादा चढ़ा और दिन का कारोबार सकारात्मक क्षेत्र में समाप्त किया। Coforge, L&T Technology Services, HCLTech और Mphasis जैसी कई IT कंपनियों में ज़बरदस्त तेज़ी देखी गई। Tech Mahindra, TCS, Wipro और Infosys जैसी अन्य बड़ी IT फर्मों में भी मजबूती दिखी, जिसने समग्र बाज़ार की भावना को बढ़ाया।
रुपये की मजबूती से बढ़ी निवेशकों की हिम्मत
भारतीय रुपये में आई ज़बरदस्त मजबूती ने भी बाज़ार की धारणा को बल दिया। सट्टा कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों के बाद सत्र के दौरान मुद्रा में तेज़ी आई, जिससे घरेलू शेयरों को और सहारा मिला।