भारतीय शेयर बाजार में बड़ा बंटवारा! फार्मा की कमाई गिरी, इंफ्रा कंपनियों को मिले बम्पर ऑर्डर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
भारतीय शेयर बाजार में बड़ा बंटवारा! फार्मा की कमाई गिरी, इंफ्रा कंपनियों को मिले बम्पर ऑर्डर
Overview

13 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ा बंटवारा देखने को मिला। Q4 के नतीजे बताते हैं कि फार्मा कंपनियों जैसे Dr. Reddy's Laboratories के नेट प्रॉफिट (Net Profit) में भारी गिरावट आई है, जबकि दूसरी ओर, Rail Vikas Nigam (RVNL) और Texmaco Rail & Engineering जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर फर्मों ने बड़े-बड़े ऑर्डर हासिल किए हैं। यह दिखाता है कि आज के बाजार में कौन से सेक्टर निवेशकों की पहली पसंद बन रहे हैं।

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Q4 की कमाई के नतीजे फार्मा सेक्टर के लिए मुश्किल तस्वीर पेश कर रहे हैं। 13 मई 2026 को Dr. Reddy's Laboratories ने साल-दर-साल 86.2% की भारी गिरावट दर्ज की, जिससे उनका नेट प्रॉफिट घटकर ₹220.1 करोड़ रह गया, वहीं रेवेन्यू 11.6% घट गया। इसका मुख्य कारण शेल्फ स्टॉक में बड़ा एडजस्टमेंट और मुख्य बाजारों में प्राइस इरोजन जैसे फैक्टर रहे।

अन्य फार्मा और पावर कंपनियों का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। Tata Power Company का प्रॉफिट 4.5% घटकर ₹995.9 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 12.8% लुढ़क गया। Torrent Power को तो 70% के भारी नुकसान का सामना करना पड़ा, मुनाफा केवल ₹318.2 करोड़ रह गया। गेमिंग कंपनी Nazara Technologies के प्रॉफिट में उछाल आया और यह ₹55.7 करोड़ पर पहुंच गया, लेकिन इसका रेवेन्यू 23.5% गिर गया। ये नतीजे फार्मा सेक्टर की चुनौतियों को दर्शाते हैं, जो पेटेंट खत्म होने और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण और बढ़ गई हैं। हालांकि, ओवरऑल भारतीय फार्मा मार्केट में Q4 FY26 में 10.5% की ग्रोथ दिखी, जिसका श्रेय क्रॉनिक और स्पेशियलिटी दवाओं को जाता है, लेकिन यह ग्रोथ अब वॉल्यूम से ज्यादा प्राइस बढ़ाने पर निर्भर कर रही है।

दूसरी ओर, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियां बड़े ऑर्डर्स हासिल करके मजबूत ग्रोथ का संकेत दे रही हैं। Rail Vikas Nigam (RVNL) साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे से ₹221.3 करोड़ के एक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी रही। यह रेलवे के सरकारी उपक्रमों के लिए ऑर्डर्स की मजबूत ट्रेंड को जारी रखता है, जिससे RVNL की आने वाली रेवेन्यू के लिए अच्छी विजिबिलिटी मिलती है। Texmaco Rail & Engineering को Tsiko Africa Logistics से रोलिंग स्टॉक और लोकोमोटिव के लिए ₹4,045 करोड़ का बड़ा लेटर ऑफ अवार्ड मिला। यह रोलिंग स्टॉक के लिए मजबूत मांग को दर्शाता है और Texmaco को ग्रोथ की राह पर ले जाता है। कंपनी का P/E रेश्यो 30.30 है। Interarch Building Solutions ने भी ₹102 करोड़ के प्री-इंजीनियर्ड स्टील बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्ट के साथ सेक्टर की गति बढ़ाई।

अन्य कॉर्पोरेट खबरों ने भी बाजार में हलचल मचाई। PNC Infratech ने नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ ₹234.99 करोड़ का एक पुराना विवाद सुलझा लिया। Vodafone Idea के बोर्ड ने Q4 नतीजों और संभावित फंडरेज़िंग पर चर्चा के लिए मीटिंग की। United Breweries को ₹275 करोड़ के टैक्स डिमांड के रद्द होने से राहत मिली।

वैल्यूएशन की बात करें तो Dr. Reddy's Laboratories का P/E लगभग 19.39 या 17.46 के आसपास ट्रेड कर रहा है, और एनालिस्ट्स इसे ज़्यादातर 'Hold' रेटिंग दे रहे हैं, हालांकि एक ने 'Strong Buy' का भी सुझाव दिया है। Tata Power का P/E 30.32 या 35.33 है, जबकि Torrent Power का P/E 26.88 से 32.60 या 31.1 की रेंज में है, जो ग्रोथ की उम्मीदों को दिखाता है। Nazara Technologies, कम रेवेन्यू के बावजूद, 36.06 या -10.75 के P/E पर है, जो शायद अटकलों या पिछली हानियों के कारण हो सकता है। RVNL का P/E 61.23 या 53.9 पर है, जो मजबूत ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाता है।

हालांकि इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूत ऑर्डर मिल रहे हैं, जोखिम बने हुए हैं। फार्मा सेक्टर लगातार मार्जिन प्रेशर (Margin Pressure) का सामना कर रहा है। Dr. Reddy's का Q4, Lenalidomide की कम बिक्री, उत्तरी अमेरिका और यूरोप में प्राइस ड्रॉप, और ₹453 करोड़ के स्टॉक एडजस्टमेंट से बुरी तरह प्रभावित हुआ। यह विशेष प्रोडक्ट्स और बाजारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाता है। RVNL जैसी इंफ्रा फर्मों के लिए, 61.23 का हाई P/E यह बताता है कि भविष्य की काफी ग्रोथ पहले से ही प्राइस्ड इन (Priced In) है, जिससे यह किसी भी प्रोजेक्ट में देरी या कम नए ऑर्डर्स के प्रति संवेदनशील हो जाता है। ऐतिहासिक रूप से, RVNL का P/E पिछले पांच सालों में औसतन 18.8 रहा है, जिसका मतलब है कि इसकी मौजूदा वैल्यूएशन काफी अधिक है।

12 मई 2026 को मार्केट सेंटीमेंट भी कमजोर था, जिसमें Nifty 50 विदेशी निवेशकों की बिकवाली और आर्थिक चिंताओं (Economic Worries) के कारण 1.83% नीचे था। यह बताता है कि जब निवेशक रिस्क-अवर्स (Risk-averse) होते हैं तो मजबूत कंपनी खबरें भी प्रभाव डालने में संघर्ष कर सकती हैं। Dr. Reddy's में एनालिस्ट्स की तरफ से डाउनग्रेड भी देखा गया है और इसके बायोसिमिलर पाइपलाइन और ट्रायल इश्यूज को लेकर चिंताएं हैं।

आगे देखते हुए, भारतीय शेयर बाजार तेल की कीमतों और करेंसी के उतार-चढ़ाव जैसे आर्थिक कारकों के प्रति संवेदनशील बना हुआ है, जिसमें हाल ही में विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी है। जहां इंफ्रास्ट्रक्चर के ऑर्डर्स ग्रोथ का एक स्पष्ट रास्ता देते हैं, वहीं फार्मा की रिकवरी नए प्रोडक्ट लॉन्च (New Product Launches) और बेहतर मार्जिन (Better Margins) पर निर्भर करेगी। Dr. Reddy's के लिए एनालिस्ट्स के व्यूज मिक्स्ड (Mixed) हैं, कुछ 'Hold' रेटिंग दे रहे हैं तो कुछ 'Strong Buy', जो इसके भविष्य के संभावनाओं पर अलग-अलग राय को दर्शाता है। बाजार उम्मीद करता है कि जैसे-जैसे नतीजे और ग्लोबल इवेंट्स सामने आएंगे, वोलेटिलिटी (Volatility) जारी रहेगी।

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