Indian Markets: कच्चे तेल की बढ़ती आग और ग्लोबल तनाव के बीच बाजार में सुस्त शुरुआत

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian Markets: कच्चे तेल की बढ़ती आग और ग्लोबल तनाव के बीच बाजार में सुस्त शुरुआत

आज 12 अक्टूबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में सतर्कता का माहौल है। निवेशकों की नजरें कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली पर टिकी हैं। GIFT Nifty मामूली बढ़त का संकेत दे रहा है, लेकिन इंफ्रा सेक्टर के ऑर्डर और Q2 नतीजों पर मार्केट की असली नजर है।

भारतीय बाजारों के लिए आज का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को GIFT Nifty फ्यूचर्स 22,649 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो बाजार में बहुत हल्की तेजी के संकेत हैं। हालांकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) का $104 प्रति बैरल के पास मंडराना चिंता का विषय बना हुआ है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतों का सीधा असर देश के इम्पोर्ट बिल और महंगाई पर पड़ेगा, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है।

लगातार जारी विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली ने इंडेक्स पर दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे में बाजार की नजर अब मजबूत कॉरपोरेट अपडेट्स पर है।

इंफ्रा और रिन्यूएबल सेक्टर में हलचल

इंफ्रा और रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों के ऑर्डर फ्लो ने बाजार को कुछ राहत दी है। KEC International ने ट्रांसमिशन और केबल सेगमेंट में ₹1,030 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। इसके साथ ही कंपनी का साल-दर-साल कुल ऑर्डर इनटेक ₹8,600 करोड़ के पार पहुंच गया है, जो आने वाले समय में मजबूत रेवेन्यू की उम्मीद जगाता है।

दूसरी तरफ, Premier Energies ने दूसरी तिमाही में ₹4,001 करोड़ के बड़े ऑर्डर्स झटके हैं। कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाकर 11.1 GW सोलर मॉड्यूल और 10.6 GW सोलर सेल कैपेसिटी तक ले जा रही है। वहीं, Adani Green Energy की परफॉर्मेंस भी दमदार रही है, जिसमें ऑपरेशनल कैपेसिटी 24% बढ़कर 20,763 MW हो गई है और एनर्जी सेल्स में 32% का उछाल दर्ज किया गया है।

नतीजों का सीजन

आज निवेशकों की नजर प्रमुख कंपनियों के फाइनेंशियल नतीजों पर है। HCL Technologies, RBL Bank, और ICICI Prudential Asset Management Company आज अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करने वाली हैं। सिर्फ प्रॉफिट के आंकड़े ही नहीं, बल्कि मैनेजमेंट की कमेंट्री भी यह तय करेगी कि बाजार में आगे का रुख क्या होगा। आने वाले दिनों में वेस्ट एशिया में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव और रुपये की मजबूती बाजार की चाल के लिए मुख्य ट्रिगर होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.