बाज़ार में दिखा 'दोहरा'
23 फरवरी 2026 को भारतीय इक्विटी मार्केट का मिजाज मिला-जुला रहा। जहां एक ओर BSE Sensex 0.58% की बढ़त के साथ 82,295 के स्तर पर बंद हुआ और NSE Nifty-50 भी 0.55% चढ़कर 25,713 पर पहुंचा, वहीं यह तस्वीर बाज़ार के एक बड़े हिस्से की हकीकत से कोसों दूर थी। यह तेजी मुख्य रूप से PSU Banks और Hospitals जैसे सेक्टर्स की अच्छी परफॉर्मेंस से आई।
स्मॉल कैप और पेनी स्टॉक्स में लगी 'रेस'
लार्ज कैप की इस मजबूती के बावजूद, ब्रॉडर मार्केट में तस्वीर अलग थी। BSE 150 Mid-Cap Index में 0.21% की मामूली गिरावट दर्ज की गई। लेकिन, BSE 250 Small-Cap Index 0.51% की तेजी के साथ खड़ा रहा। सबसे खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में कम कीमत वाले 'पेनी स्टॉक्स' अपने अपर सर्किट पर बंद हुए। इससे रिटेल निवेशकों के बीच रिस्क लेने की चाहत और हाई-रिवॉर्ड की तलाश साफ नजर आई।
IT सेक्टर पर AI का 'बोझ'
बाजार का 'दिला' रहा IT सेक्टर इस महीने बुरी तरह लड़खड़ा गया। Nifty IT इंडेक्स में फरवरी के पहले पंद्रह दिनों में ही करीब 14% की भारी गिरावट आई, जिससे करीब $50 बिलियन का मार्केट कैप स्वाहा हो गया। इस बिकवाली की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ता डर था। यह चिंता कि जेनरेटिव AI टूल्स भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के पारंपरिक कामों को ऑटोमेट कर सकते हैं, TCS और Infosys जैसी बड़ी IT कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली का कारण बनी। J.P. Morgan के एनालिस्ट्स का मानना है कि क्लाइंट्स AI पर खर्च बढ़ाएंगे, जिससे IT कंपनियों के ग्रोथ टारगेट मिस हो सकते हैं।
PSU Banks का 'रैली' जारी
इसके विपरीत, PSU Bank सेक्टर ने अपनी शानदार तेजी जारी रखी। Nifty PSU Bank इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जो मजबूत Q3 FY26 नतीजों और सुधरती एसेट क्वालिटी का नतीजा है। इस सेक्टर का कंबाइंड P/E अनुपात करीब 9.59 है, जो Nifty 50 के 22.4 P/E की तुलना में काफी आकर्षक है।
मेटल और ऑटो पर मिली-जुली राय
मेटल और माइनिंग कंपनी Jindal Stainless Ltd की रेटिंग 2 फरवरी 2026 को 'Buy' से घटाकर 'Hold' कर दी गई, हालांकि इसके फंडामेंटल्स और लॉन्ग-टर्म रिटर्न अच्छे हैं। ऑटो एंसिलरी कंपनी Endurance Technologies Ltd पर भी एनालिस्ट्स ने 'Hold' रेटिंग बरकरार रखी है, जो इस फर्म के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण दिखाता है।
'बीयर' का नज़रिया: IT सेक्टर में स्ट्रक्चरल शिफ्ट का डर
लार्ज कैप इंडेक्स में मजबूती और पेनी स्टॉक्स में सट्टेबाजी के बावजूद, IT सेक्टर में आई बड़ी गिरावट एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। AI का तेजी से बढ़ता प्रभाव पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल को हिला सकता है, जिससे IT कंपनियों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। लगभग 20x फॉरवर्ड P/E पर चल रहे IT सेक्टर का वैल्यूएशन भी ज्यादा लग रहा है, जिससे यह मंदी निकट भविष्य में जारी रह सकती है। पेनी स्टॉक्स में इस तरह की तेज दौड़ अक्सर बढ़ी हुई वोलैटिलिटी और करेक्शन से पहले आती है, इसलिए यह तेजी सस्टेनेबल नहीं लग रही।
आगे क्या?
हेल्थकेयर सेक्टर में नए ड्रग लॉन्च और 'Biopharma Shakti' जैसे सरकारी इनिशिएटिव के चलते ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। वहीं, IT सेक्टर में FY27 और FY28 के लिए बड़ी कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ 6-8% के बीच रहने का अनुमान है। RBI ने फरवरी 2026 में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है, जो ग्रोथ को सपोर्ट करता है। हालांकि, RBI का अनुमान है कि कंज्यूमर इन्फ्लेशन FY27 में बढ़कर 4.3% हो जाएगा, जो FY26 में अनुमानित 2.5% से ज्यादा है। सेंट्रल बैंक ने अपनी पॉलिसी में न्यूट्रल स्टैंड बरकरार रखा है, यानी ग्रोथ और महंगाई पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी।