भारतीय बाज़ार से FIIs का पैसा निकल रहा है, फिर भी 360 ONE WAM और Redington में क्यों बढ़ रही है रुचि?
Overview
जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच भारतीय बाज़ारों से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का बड़ा निवेश निकलने के बावजूद, 360 ONE WAM लिमिटेड और रेडिंग्टन लिमिटेड जैसी दो प्रमुख कंपनियों ने FIIs की रुचि को बनाए रखा है, बल्कि बढ़ाया भी है। दोनों कंपनियाँ मजबूत वित्तीय वृद्धि, पिछले पांच वर्षों में शेयर की कीमतों में महत्वपूर्ण वृद्धि और ठोस लाभांश भुगतान (dividend payouts) दिखा रही हैं, जो मौजूदा बाज़ार की धारणा के विपरीत हैं।
Stocks Mentioned
भारतीय शेयर बाज़ार ने जनवरी से अक्टूबर 2025 के दौरान 256,201 करोड़ रुपये के बड़े विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) बहिर्वाह (outflows) का अनुभव किया, जो विदेशी निवेशकों के विश्वास में कमी का संकेत देता है। हालांकि, इस प्रवृत्ति के बीच, 360 ONE WAM लिमिटेड और रेडिंग्टन लिमिटेड ने उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है, FII निवेश को आकर्षित और बनाए रखा है।
360 ONE WAM लिमिटेड, एक प्रमुख निजी धन प्रबंधन (wealth management) फर्म है, जिसने मार्च 2020 में लगभग 20% से सितंबर 2025 तक लगभग 65.87% तक अपनी FII होल्डिंग में वृद्धि देखी है। कंपनी ने पिछले पांच वित्तीय वर्षों में 19% CAGR से राजस्व (revenue) वृद्धि, 24% CAGR से EBITDA, और 40% CAGR से शुद्ध लाभ (net profits) के साथ मजबूत वित्तीय प्रदर्शन की सूचना दी है। इसी अवधि में इसके शेयर की कीमत में 350% से अधिक की वृद्धि हुई है। हालांकि यह 17x के उद्योग माध्य (industry median) से काफी अधिक, 39x के P/E पर कारोबार कर रहा है, लेकिन यह 1.11% का लाभांश उपज (dividend yield) प्रदान करता है, जो उद्योग माध्य से काफी ऊपर है।
रेडिंग्टन लिमिटेड, जो आईटी (IT) और मोबिलिटी (mobility) उत्पादों का एक प्रमुख वितरक (distributor) है, इसमें लगभग 62% की FII होल्डिंग भी है। FY20 से FY25 तक इसकी बिक्री 14% CAGR, EBITDA 15% CAGR, और शुद्ध लाभ 18% CAGR से बढ़ा है। पिछले पांच वर्षों में कंपनी के स्टॉक में 378% की वृद्धि हुई है। 18x के P/E पर कारोबार करते हुए, जो 37x के उद्योग माध्य से कम है, रेडिंग्टन 2.21% का लाभांश उपज प्रदान करता है।
प्रभाव (Impact)
यह खबर उन कंपनियों को उजागर करती है जिनके मजबूत फंडामेंटल (fundamentals) और लगातार लाभ-साझाकरण तंत्र (profit-sharing mechanisms) हैं, जो बाज़ार की अनिश्चितता की अवधि के दौरान भी विदेशी निवेश को आकर्षित और बनाए रख सकते हैं। यह निवेशकों को संभावित अवसरों के लिए इन शेयरों की जांच करने के लिए प्रेरित कर सकता है और संबंधित क्षेत्रों (sectors) में इसी तरह की लचीली कंपनियों के प्रति भावना को प्रभावित कर सकता है।