IT सेक्टर में मची खलबली: Infosys और Wipro के शेयर धड़ाम, नए Lows पर पहुंचे

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
IT सेक्टर में मची खलबली: Infosys और Wipro के शेयर धड़ाम, नए Lows पर पहुंचे

भारतीय IT सेक्टर पर गहरा संकट मंडरा रहा है। दिग्गज कंपनियां Infosys और Wipro अपने अहम सपोर्ट लेवल को तोड़कर नए निचले स्तरों पर आ गई हैं, जिसका मुख्य कारण AI का बढ़ता दबाव और घटती ग्रोथ है।

भारतीय टेक्नोलॉजी सेक्टर इन दिनों भारी अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। मार्केट लीडर्स, Infosys और Wipro के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी जा रही है। Infosys का शेयर गिरकर ₹998 पर आ गया है, जो इस साल दूसरी बार ₹1,000 के स्तर से नीचे फिसला है। वहीं, Wipro ने ₹161.66 का नया 52-week low बनाया है। Nifty IT इंडेक्स में आई यह गिरावट दर्शाती है कि कंपनियां ग्लोबल डिमांड और बदलते बिजनेस मॉडल्स के साथ तालमेल बिठाने में संघर्ष कर रही हैं।

बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव

बाजार में अनिश्चितता की मुख्य वजह पारंपरिक 'लेबर-इंटेंसिव' बिलिंग से हटकर 'आउटकम-बेस्ड' (परिणाम-आधारित) प्राइसिंग मॉडल की ओर बढ़ना है। ग्लोबल क्लाइंट्स अब घंटों के बजाय सीधे बिजनेस रिजल्ट्स के आधार पर पेमेंट कर रहे हैं। इस डिजिटल बदलाव के लिए कंपनियां AI और ऑटोमेशन में भारी इन्वेस्टमेंट कर रही हैं, जिसका असर शॉर्ट टर्म में उनके प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ रहा है।

चुनौतियां और रिस्क

मौजूदा हालात में अमेरिका और यूरोप के बैंकिंग सेक्टर से डिमांड काफी सुस्त पड़ी है। बड़ी कंपनियां अपने IT बजट में कटौती कर रही हैं, जिससे नए प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी हो गई है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क 'मार्जिन कंप्रेशन' है। यदि AI में इन्वेस्टमेंट और टैलेंट बनाए रखने की लागत बढ़ती रही, तो कंपनियों का मुनाफा और भी दबाव में आ सकता है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

अगले क्वार्टर के नतीजों में निवेशकों को 'Total Contract Value' (TCV) पर खास नजर रखनी होगी, ताकि यह पता चल सके कि कंपनियां नए प्रोजेक्ट्स हासिल करने में कितनी सक्षम हैं। इसके साथ ही ऑपरेटिंग मार्जिन में स्थिरता ही इस बात का संकेत होगी कि कंपनियां इस कठिन दौर से उबर पा रही हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.