Indian Equities 2026: Motilal Oswal की बड़ी सलाह! लार्ज कैप्स पर दांव, 12-14% ग्रोथ की उम्मीद

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Equities 2026: Motilal Oswal की बड़ी सलाह! लार्ज कैप्स पर दांव, 12-14% ग्रोथ की उम्मीद
Overview

Motilal Oswal Private Wealth ने 2026 के लिए भारतीय इक्विटी मार्केट (Indian Equities) पर एक बैलेंस्ड अप्रोच की सलाह दी है, जिसमें लार्ज कैप्स और हाइब्रिड्स की ओर झुकाव रखने को कहा गया है। फर्म को **12-14%** की अर्निंग्स ग्रोथ की उम्मीद है, जो डोमेस्टिक पॉलिसी सपोर्ट और सामान्य होती मैक्रो चिंताओं जैसे वैल्यूएशन और रुपये के डेप्रिसिएशन से प्रेरित होगी।

2026: भारतीय इक्विटी के लिए कैसी रहेगी रणनीति?

2026 भारतीय इक्विटी मार्केट (Indian Equities) के लिए एक अहम साल साबित होने वाला है। Motilal Oswal Private Wealth का मानना है कि पिछले साल के कंसॉलिडेशन और डाइवर्जेंस के बाद, अब मार्केट में एक ट्रांजिशन देखने को मिलेगा। इसीलिए, फर्म ने लार्ज-कैप इक्विटीज और हाइब्रिड इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स की ओर झुकाव के साथ एक संतुलित पोर्टफोलियो बनाए रखने की सलाह दी है।

पॉलिसी सपोर्ट और ग्लोबल फैक्टर्स बनेंगे बूस्टर

इस रणनीति के पीछे कई बड़े कारण हैं। हाल ही में हुई इंडिया-यूएस ट्रेड डील, जिसने टैरिफ को कम किया है, भारतीय एक्सपोर्ट्स को बूस्ट दे सकती है और फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) को आकर्षित कर सकती है। इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मोनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) से उम्मीद है कि वह मौजूदा रेपो रेट को बरकरार रखेगी, जिससे इंटरेस्ट रेट्स का एक स्टेबल माहौल बनेगा। यह करेंसी डेप्रिसिएशन और धीमी अर्निंग्स ग्रोथ जैसी पिछली चिंताओं के बिल्कुल विपरीत है।

निफ्टी का परफॉरमेंस और वैल्यूएशन

4 फरवरी 2026 को, निफ्टी 50 (Nifty 50) इंडेक्स 25,776.00 पर बंद हुआ, जो हाल के हफ्तों में एक पॉजिटिव ट्रेंड दिखा रहा है। हालांकि, यह परफॉरमेंस उस संदर्भ में देखी जा रही है जहां पिछले कैलेंडर ईयर (CY25) में भारतीय मार्केट्स अपने इमर्जिंग मार्केट (EM) पीयर्स से पिछड़ गए थे। अब ये हालात बदल सकते हैं क्योंकि अहम चिंताएं सामान्य हो रही हैं।

भारतीय इक्विटीज पर ऐतिहासिक रूप से ऊंचे वैल्यूएशन का दबाव रहा है, निफ्टी 50 का P/E रेश्यो लगभग 21.8-22.4 के आसपास है। वहीं, MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स का ट्रेलिंग P/E लगभग 18.32 के करीब है। फर्म का कहना है कि ऊंचे वैल्यूएशन और धीमी अर्निंग्स ग्रोथ जैसी जो चिंताएं थीं, वे अब कम हो रही हैं।

AI का बढ़ता क्रेज और भारत की ग्रोथ

भारत के अपने EM पीयर्स से पिछड़ने का एक कारण AI-लेड इन्वेस्टमेंट थीम की अनुपस्थिति भी थी, जिसने ग्लोबल मार्केट्स को काफी गति दी थी। लेकिन, 2026 में AI ग्लोबल ग्रोथ और इन्वेस्टमेंट का एक अहम ड्राइवर बनने वाला है, और यह थीम अब भारत के मार्केट आउटलुक के लिए भी प्रासंगिक हो रही है। इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (IMF) का अनुमान है कि FY2025-26 में भारत की GDP ग्रोथ 7.3% रहेगी, जो ग्लोबल ग्रोथ अनुमान 3.3% से काफी बेहतर है। इसके बावजूद, ग्लोबल लेवल पर एसेट बबल और आर्थिक गिरावट जैसी चिंताएं बनी हुई हैं, वहीं भू-राजनीतिक टकराव भी अहम रिस्क हैं।

एनालिस्ट्स की राय और FPI की वापसी?

Motilal Oswal Wealth को उम्मीद है कि दो साल के आउटफ्लो के बाद फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) की वापसी होगी, जो रुपये के कंसॉलिडेशन के साथ जुड़ी हुई है।

  • J.P. Morgan 2026 के लिए ग्लोबल इक्विटीज पर कंस्ट्रक्टिव है, AI-फ्यूल्ड अर्निंग्स ग्रोथ के दम पर डेवलप्ड और इमर्जिंग मार्केट्स दोनों में डबल-डिजिट गेंस का अनुमान लगा रहा है।

  • Goldman Sachs भी इक्विटीज पर सकारात्मक है, और उम्मीद करता है कि अर्निंग्स ग्रो करेंगी, हालांकि 2025 की तुलना में इंडेक्स रिटर्न्स कम हो सकते हैं, क्योंकि बुल मार्केट चौड़ा हो रहा है।

  • CLSA का अनुमान है कि निफ्टी 50 में 2026 में मॉडरेट, हाई सिंगल-डिजिट गेंस देखने को मिलेंगे, जो वैल्यूएशन की बाधाओं के बीच कंजम्पशन और रियल एस्टेट सेक्टर्स को सपोर्ट कर रहा है।

कमोडिटीज पर क्या है सलाह?

फर्म की सलाह कमोडिटीज पर भी लागू होती है। मार्केट डिप्स के दौरान गोल्ड को धीरे-धीरे जमा करने और सिल्वर में हाल की रैलियों के बावजूद आंशिक प्रॉफिट बुकिंग की सलाह दी गई है।

निष्कर्ष: इन्वेस्टर्स को अपने इन्वेस्टमेंट चार्टर पर टिके रहने और शॉर्ट-टर्म वोलेटिलिटी के बीच धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जाती है। लॉन्ग-टर्म ऑब्जेक्टिव्स पर फोकस करना चाहिए, क्योंकि पॉलिसी सपोर्ट और सामान्य होती चिंताएं मार्केट की दिशा तय करेंगी।

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