US में डेटा सेंटर की डिमांड के भरोसे तेजी दिखाने वाले इंडियन स्मॉलकैप शेयर अब दबाव में हैं। Nasdaq में गिरावट के बीच Sterlite Technologies और HFCL जैसे स्टॉक्स के लिए वैल्युएशन को जस्टिफाई करना मुश्किल हो रहा है।
हाल ही में जिन स्मॉलकैप शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई थी, अब वे ठंडे पड़ते दिख रहे हैं। ये कंपनियां अमेरिकी डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हुए खर्च का फायदा उठा रही थीं। लेकिन अब Nasdaq के मूड को देखते हुए निवेशकों को अपनी उम्मीदों पर फिर से विचार करना पड़ रहा है। कई स्टॉक्स के दाम अब उनकी मौजूदा कमाई (Earnings) के मुकाबले काफी महंगे लगने लगे हैं।
स्टॉक्स की चाल और वैल्यूएशन का संकट
पिछले एक साल में Sterlite Technologies और HFCL के शेयरों में क्रमशः 526% और 180% की भारी उछाल देखने को मिली। वहीं MTAR Technologies, Sansera Engineering और Welspun Corp जैसे स्टॉक्स में भी 116% से 194% तक की बड़ी तेजी रही। निवेशकों ने इन कंपनियों को क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े लाभार्थियों के तौर पर देखा था, लेकिन अब मार्केट का गणित बदल रहा है।
Nasdaq से क्यों जुड़ा है इनका कनेक्शन?
ये भारतीय कंपनियां अब ग्लोबल टेक ट्रेंड्स और अमेरिकी कंपनियों के कैपिटल एक्सपेंडिचर साइकिल पर ज्यादा निर्भर हो गई हैं। डेटा बताते हैं कि ये शेयर अब भारतीय मार्केट के बेंचमार्क से ज्यादा Nasdaq की चाल को फॉलो कर रहे हैं। ऐसे में जब भी अमेरिका के टेक सेक्टर में बिकवाली होती है, इन स्मॉलकैप्स में डोमेस्टिक मार्केट के मुकाबले ज्यादा गिरावट देखने को मिलती है।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या ये वैल्युएशन टिकाऊ हैं? मौजूदा शेयर प्राइसेज में हाई-ग्रोथ की उम्मीदें पहले ही शामिल हो चुकी हैं। अगर अमेरिका में टेक खर्च में कोई भी कमी आती है, तो इसका सीधा असर इन कंपनियों के ऑर्डर बुक और रेवेन्यू पर पड़ेगा। अब केवल 'AI' का नाम काफी नहीं है, मार्केट अब उन्हीं कंपनियों पर दांव लगा रहा है जो ठोस प्रॉफिट और बेहतर मार्जिन मैनेजमेंट दिखा सकती हैं। आने वाले दिनों में इन कंपनियों को अपनी ऑर्डर बुक को मुनाफे में बदलने की क्षमता साबित करनी होगी।
