नतीजों का रहा ज़ोर, पर चिंताएं भी बरकरार
आज यानी 29 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाज़ार ने चौथे क्वार्टर के शानदार नतीजों के दम पर अच्छी बढ़त दर्ज की। Nifty 50 इंडेक्स 0.76% की उछाल के साथ 24,177.65 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि BSE Sensex 0.79% चढ़कर 77,496.36 पर रहा। शुरुआत में चौतरफा खरीदारी का जोर दिखा, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली हावी हुई, जिससे कुछ इंट्राडे गेन कम हो गए। सेक्टर परफॉर्मेंस की बात करें तो ऑटो, आईटी, एफएमसीजी और रियलटी इंडेक्स में करीब 1% की बढ़त देखी गई। इंफ्रा, मेटल, ऑयल एंड गैस और फार्मा सेक्टर करीब 0.5% चढ़े। वहीं, पीएसयू बैंक, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में गिरावट आई। Maruti Suzuki India, Coal India और ITC Limited टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
स्टॉक्स में अलग-अलग चाल, नतीजों ने जगाई उम्मीद
बाज़ार में मिली-जुली सेक्टर परफॉरमेंस (mixed sectoral performance) का मतलब है कि बाज़ार किसी एक सेक्टर की धुन पर नहीं, बल्कि खास स्टॉक्स के दम पर चल रहा है।
- Bandhan Bank: चौथी तिमाही में नेट प्रॉफिट 68% बढ़कर ₹534.14 करोड़ रहा, जिसके चलते शेयर में करीब 11% का उछाल आया। इस मुनाफे में बड़ी कमी फंड्स को प्रोविज़न (potential losses) में रखने के कारण आई। हालांकि, कंपनी के मार्जिन पर दबाव और 3.27% पर खड़े ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) जैसी चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।
- CEAT: कंपनी के नेट प्रॉफिट में 145% की भारी उछाल और रेवेन्यू में 23% की बढ़ोतरी के बाद शेयर चढ़ गए।
- Greenply Industries: Q4 FY26 में वॉल्यूम ग्रोथ के दम पर प्रॉफिट 86.75% बढ़कर ₹31 करोड़ हो गया।
- Star Health and Allied Insurance Company: बेहतर अंडरराइटिंग और कम लॉस रेश्यो के चलते नेट प्रॉफिट ₹111 करोड़ तक पहुंच गया।
- Vedanta: Q4 में नेट प्रॉफिट 88% उछलकर ₹9,352 करोड़ पर पहुंच गया।
- Solara Active Pharma Sciences: कंपनी के पुडुचेरी प्लांट को US FDA से 'VAI' स्टेटस मिला, जो प्रोसीजरल सुधारों की ओर इशारा करता है। इसके शेयर 2.5% चढ़े।
वैल्युएशन और चिंताएं
कुछ तेज़ी वाले स्टॉक्स के वैल्युएशन पर नज़र दौड़ाना ज़रूरी है। Bandhan Bank, अपने प्रॉफिट के बावजूद, लगभग 27-29x के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है, जो HDFC Bank (15.25x) और ICICI Bank (16.48x) जैसे बड़े बैंक पियर्स की तुलना में काफी ज़्यादा है। FY26 के लिए करीब 5% का कम रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स से कम है, जो ओवरवैल्यूएशन का संकेत दे सकता है। Vedanta, मेटल सेक्टर में है जिसका P/E करीब 22.6x है, वहीं Hindalco Industries 14.7x और Hindustan Zinc 19.2x पर ट्रेड कर रहे हैं। फार्मा सेक्टर का एवरेज P/E करीब 29x है।
मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर्स और विदेशी निवेश
बाज़ार का यह प्रदर्शन कई आर्थिक चुनौतियों के बीच हो रहा है। अप्रैल 2026 में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली जारी रखी, और 20 अप्रैल 2026 तक लगभग ₹39,224.10 करोड़ और पूरे महीने में ₹43,967 करोड़ निकाल लिए। मार्च 2026 में रिकॉर्ड बिकवाली के बाद यह एक बड़ी निकासी है। हालांकि, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने काफ़ी पूंजी निवेश कर बाज़ार को सहारा दिया है, लेकिन FIIs की लगातार बिकवाली ग्लोबल रिस्क एवरजन (risk aversion) को दिखाती है। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता भी निवेशकों की भावनाओं को प्रभावित कर रही है।
आगे का नज़रिया
विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। JM Financial ने Bandhan Bank पर ₹200 के टारगेट के साथ 'Add' रेटिंग दी है, जो 25% का अपसाइड दिखाती है। वहीं, Motilal Oswal Financial Services ने Star Health पर स्ट्रॉन्ग प्रीमियम ग्रोथ और बेहतर कंबाइंड रेश्यो को देखते हुए 'Buy' रेटिंग दी है। दूसरी ओर, IIFL ने CEAT के नतीजों के बावजूद 'Buy' से 'Add' पर डाउनग्रेड किया है। बाज़ार की दिशा वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं, डोमेस्टिक इनफ्लो की स्थिरता और कंपनियों की लागत प्रबंधन (cost management) की क्षमता पर निर्भर करेगी।
